मैक्स हेल्थकेयर तीन साल में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 बिस्तर की क्षमता हासिल करेगी

मैक्स हेल्थकेयर तीन साल में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 बिस्तर की क्षमता हासिल करेगी

मैक्स हेल्थकेयर तीन साल में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 बिस्तर की क्षमता हासिल करेगी
Modified Date: September 3, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: September 3, 2026 6:46 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) मैक्स हेल्थकेयर इंस्टिट्यूट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अभय सोई ने बृहस्पतिवार को कहा कि कंपनी अगले तीन साल में करीब 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से अपनी बिस्तर क्षमता बढ़ाकर 10,000 करने का लक्ष्य बना रही है।

उन्होंने कहा कि इस विस्तार को घरेलू स्तर पर बढ़ती मांग और वैश्विक चिकित्सा पर्यटन केंद्र के रूप में भारत के बढ़ते कद से बढ़ावा मिल रहा है।

नयी दिल्ली में मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर पीटीआई-भाषा से बातचीत में सोई ने कहा कि चिकित्सा पर्यटन का फिलहाल कंपनी के कारोबार में नौ प्रतिशत योगदान है। अस्पताल समूह हर साल 180 देशों से आने वाले 40,000 से अधिक विदेशी मरीजों का इलाज करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान भारत के पास है। हमारे यहां पश्चिमी देशों के बेहतरीन अस्पतालों के बराबर उपचार नतीजे मिलते हैं, लेकिन लागत उनकी तुलना में पांच प्रतिशत से भी कम है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हमारा यह तुलनात्मक लाभ किसी अन्य देश के मुकाबले बेजोड़ है।’’

यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नयी दिल्ली में मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किए जाने के बाद की गई।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थीं।

नयी सुविधा साकेत स्थित मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नवीनतम जुड़ाव है। इसके साथ समूह की कुल क्षमता बढ़कर करीब 1,200 बिस्तर हो गई है, जिससे यह दिल्ली में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी अस्पताल सुविधा बन गई है।

सोई ने कहा कि यह सुविधा युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार की गई है और इसमें कृत्रिम मेधा (एआई) मंच, रोबोटिक्स और इम्यूनोथेरेपी जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों को शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम दूसरे और तीसरे श्रेणी के शहरों में भी विस्तार कर रहे हैं, लेकिन प्रथम श्रेणी के शहरों में भी भारी मांग बनी हुई है। हमारे कुल कारोबार का करीब 40-45 प्रतिशत दिल्ली-एनसीआर के बाहर के राज्यों से आने वाले मरीजों से होता है।’’

उन्होंने बताया कि समूह के पास दो साल पहले 3,500 बिस्तर थे, जबकि अब यह संख्या 6,000 के पार हो गई है। 10,000 बिस्तर तक पहुंचने के विस्तार का वित्तपोषण आंतरिक संसाधनों से किया जाएगा।

सोई ने कहा कि मौजूदा लक्ष्य मुख्य रूप से अपने स्तर पर विस्तार से हासिल किया जाएगा, हालांकि कंपनी नियोजित अधिग्रहण के लिए भी खुली है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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