अधिकांश खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

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अधिकांश खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

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  • Publish Date - August 4, 2023 / 09:31 PM IST,
    Updated On - August 4, 2023 / 09:31 PM IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) विदेशों में तेजी रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन डीगम तेल और कच्चे पामतेल (सीपीओ) के भाव में सुधार आया जबकि मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल-तिलहन (डीगम छोड़कर), पामोलीन और बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।

शिकॉगो एक्सचेंज में 1.75 प्रतिशत की तेजी थी जबकि मलेशिया एक्सचेंज में 1.25 प्रतिशत की तेजी रही।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण सोयाबीन डीगम तेल के भाव में मामूली सुधार आया है। जबकि मुर्गीदाने के लिए इस्तेमाल में आने वाले सोयाबीन के डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग कमजोर रहने से सोयाबीन तिलहन के भाव पूर्ववत रहे। शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने के बावजूद देश में भारी आयात की स्थिति होने के कारण देशी सोयाबीन तेल के दाम भी पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि शुल्क भुगतान करने के बाद बंदरगाह पर सूरजमुखी तेल के आयात करने की लागत 87 रुपये लीटर बैठती है जबकि उसी बंदरगाह पर आयातक उस तेल को 80 रुपये लीटर के भाव बेच रहे हैं। सोयाबीन तेल का आयात भाव है 91 रुपये किलो और यह बिक रहा है 87 रुपये किलो। तेल संगठनों को इस स्थिति से सरकार को अवगत कराना चाहिये और विचार करना चाहिये कि पंजाब और हरियाणा की सूरजमुखी उपज का क्या होगा? सूत्रों ने कहा कि अगर बंदरगाह पर सस्ते में बिकने वाले तेल की सरकार किसी ‘रिफायनर’ से पैक करवाकर दुकानों पर उन्हीं के जरिये भिजवा दे तो उपभोक्ताओं को यह सूरजमुखी तेल 110 रुपये लीटर मिलना संभव है जो अभी बाजार में 144-145 रुपये लीटर के भाव बिक रहा है।

सूत्रों ने कहा कि जब बैंकों से ऋण के भुगतान के लिए आयातकों को 90 दिन का समय मिलता है तो फिर इन आयातकों को किस मजबूरी में सस्ते में अपना तेल बेचना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बिक्री के बाद इन आयातकों के पास बिके माल के लिए बैंकों में पैसा लगभग 46 दिन में आ जाता है। दूसरी ओर बैंक भी ऋण भुगतान की समयसीमा को कभी 180 दिन या कभी 360 दिन तक क्यों बढ़ाता है? इसकी निगरानी की जानी चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि सरसों के अच्छे माल की कमी है और ब्रांडेड कंपनियों में अच्छे दाने की मांग होने से सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया। शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण सोयाबीन डीगम में भी सुधार आया। मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण सीपीओ के दाम भी सुधर गये।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 5,750-5,800 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,725-7,775 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 18,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,705-2,990 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,820 -1,915 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,820 -1,930 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,225 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,080-5,175 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,845-4,940 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय