नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) कंपनियों के बीच आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को लेकर आकर्षण बरकरार है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज सहित 38 कंपनियों ने मार्च, 2026 में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज दाखिल किए हैं। इससे पता चलता है कि कंपनियों के लिए धारणा बेहतर है। हालांकि, नियामकीय समयसीमा की वजह से भी इसमें बढ़ोतरी हुई है।
सेबी के आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च, 2025 में 22 और मार्च, 2024 में 16 कंपनियों ने आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज दाखिल किए थे। यह दर्शाता है कि सार्वजनिक निर्गम को लेकर आकर्षण कायम है।
मर्चेंट बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक, यह रफ्तार आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। आने वाले सप्ताहों में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो सहित कई बड़ी कंपनियां आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा दायर करने की तैयारी कर रही हैं।
इनके अलावा सिंगापुर की सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज की भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा इकाई, स्वीडन के मॉडर्न टाइम्स समूह की अनुषंगी प्लेसिंपल, टीपीजी समर्थित ऑनलाइन कर्ज देने वाला मंच फाइब और टाइगर ग्लोबल समर्थित बैटरीस्मार्ट भी जल्द ही आईपीओ दस्तावेज (डीआरएचपी) दाखिल कर सकती हैं।
सेबी के पास दस्तावेज जमा कराने वाली 38 कंपनियों में से जेटवर्क, एसएनवीए ट्रैवलटेक, रेडिफ.कॉम इंडिया, टोरेंट गैस, सिनर्जी एडवांस्ड मेटल्स, गरुड़ एयरोस्पेस और सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट समेत कुल नौ कंपनियों ने गोपनीय तरीके से आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए हैं।
एक्सिस कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 64 कंपनियों ने सेबी के पास दस्तावेज दाखिल किए हैं और वे मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। 124 कंपनियों को पहले ही सेबी से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी उनके सार्वजनिक निर्गम आए नहीं हैं। मार्च, 2025 से 20 अन्य कंपनियों ने गोपनीय मार्ग से आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 (मार्च के आखिर तक) में 109 मुख्य मंच के आईपीओ आए जिनमें से 69 अपने निर्गम मूल्य से ऊपर सूचीबद्ध हुए। वहीं तीन कंपनियां ऐसी रहीं जो 31 मार्च, 2026 तक आईपीओ लेकर नहीं आईं।
वर्ष 2026 में अब तक 18 कंपनियों के आईपीओ आए हैं जिनमें से आठ सार्वजनिक निर्गम मार्च में आए हैं।
डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे ने मौजूदा भूराजनीतिक स्थिति की वजह से फिलहाल सार्वजनिक सूचीबद्धता की योजना को टाल दिया है। हालांकि, फोनपे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने कहा है कि कंपनी भारत में सूचीबद्धता को लेकर प्रतिबद्ध है।
बाजार भागीदारों का कहना है कि यह उछाल कंपनियों के बेहतर भरोसे और नियामकीय समयसीमा दोनों की वजह से है।
आनंद राठी वेल्थ के संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) फिरोज अजीज ने कहा कि इस उछाल का कारण सिर्फ समयसीमा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कंपनियों के भरोसे के अलावा नियामकीय अनुपालन की वजह से है, जिसकी वजह से उन्होंने मार्च समाप्त होने से पहले दस्तावेज दाखिल किए हैं।’’
भाषा अजय अजय
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