वाशिंगटन, पांच अप्रैल (एपी) अमेरिका ने रविवार सुबह कहा कि ईरान द्वारा उसके लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद से लापता अमेरिकी सैन्यकर्मी को बचा लिया गया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा के पूरा होने की ओर बढ़ने के बीच तेहरान को फिर से धमकी दी।
हालांकि, ईरान ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया और इसने पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में आर्थिक तथा बुनियादी ढाँचे पर हमले जारी रखे।
अमेरिकी विमान के चालक दल का सदस्य शुक्रवार को तब लापता हो गया था जब ईरान ने अमेरिकी एफ-15 ई स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया था। चालक दल के एक अन्य सदस्य को पहले ही बचा लिया गया था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि पायलट घायल है, लेकिन ‘‘वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा।’’ उन्होंने यह भी कहा कि उसने ‘‘ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण ली थी।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, बचाव अभियान में ‘‘दर्जनों विमान’’ शामिल थे और अमेरिका उसकी ‘लोकेशन’ पर ‘‘24 घंटे नजर रखे हुए था तथा उसके बचाव की सावधानीपूर्वक योजना बना रहा था।’’
यह लड़ाकू विमान फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरानी क्षेत्र में गिरने वाला पहला अमेरिकी विमान था।
ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिका ने ईरान को ‘‘कुचल’’ दिया है और वह युद्ध को ‘‘बहुत जल्दी’’ खत्म कर देगा।
इसके दो दिन बाद ईरान ने दो अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराया, जिससे बमबारी में कमजोर होने के बावजूद ईरानी सेना की जवाबी क्षमता का संकेत मिला।
दूसरा गिराया गया विमान अमेरिकी ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट था। उसके चालक दल की स्थिति और दुर्घटना स्थल की सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी।
शुक्रवार को एफ-15 ई विमान के गिरने के बाद अमेरिका ने तेजी से खोज और बचाव अभियान चलाया, जो ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद के पहाड़ी क्षेत्र पर केंद्रित था।
ईरान ने ‘‘दुश्मन पायलट’’ की जानकारी देने वालों के लिए इनाम की भी घोषणा की। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को दावा किया कि उसने शुक्रवार को दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया। हालांकि एसोसिएटेड प्रेस इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका।
वहीं, कुवैत में ईरान के ड्रोन हमले के कारण दो बिजली संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है और एक जल विलवणीकरण संयंत्र ने काम करना बंद कर दिया।
बिजली मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बहरीन में, राष्ट्रीय तेल कंपनी ने बताया कि ड्रोन हमले के कारण उसके एक भंडारण केंद्र में आग लग गई जिसे बाद में बुझा दिया गया। कंपनी के मुताबिक, नुकसान का आकलन अभी जारी है और इस घटना में भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पेट्रो-रसायन संयंत्र में रविवार को हुए हमले के बाद आग लग गई।
अबू धाबी के अधिकारियों ने बोरूज पेट्रो-रसायन संयंत्र में आग लगने की घटना पर तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आग वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किए जाने के बाद गिरे मलबे के कारण लगी। इस घटना के कारण संयंत्र में उत्पादन फिलहाल ठप हो गया है।
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के साथ 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इसने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है, अहम समुद्री मार्गों को बाधित कर दिया है और ईंधन की कीमतों में तेज उछाल ला दिया है।
ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले या फिर विनाशकारी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘‘याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन का समय दिया था?’’
उन्होंने कहा, ‘‘समय तेजी से बीत रहा है – 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा।’’
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने ट्रंप की हालिया धमकी के जवाब में कहा, ‘‘यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।’’
हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि संघर्षविराम कराने की उनकी सरकार की कोशिशें ‘‘सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।’’
इस्लामाबाद ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि ईरानी अधिकारियों ने ‘‘कभी भी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया है।’’
क्षेत्र के दो अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र के मध्यस्थ अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
इस बीच, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने शुक्रवार देर रात परोक्ष धमकी देते हुए कहा कि तेहरान इस क्षेत्र के दूसरे रणनीतिक जलमार्ग ‘बाब अल-मंडेब’ से होने वाले यातायात को भी बाधित कर सकता है।
बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य 32 किलोमीटर (20 मील) चौड़ा है और यह लाल सागर को अदन की खाड़ी तथा हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया भर में समुद्र के रास्ते ले जाए जाने वाले तेल का लगभग दसवाँ हिस्सा और कंटेनर जहाजों का एक चौथाई हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे गए हैं।
खाड़ी के अरब देशों और कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में दो दर्जन से ज़्यादा लोगों की मौत हो हुई है, जबकि इजरायल में 19 लोगों के मारे जाने की खबर है और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं।
लेबनान में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। दस इजराइली सैनिक भी मारे गए हैं।
एपी नेत्रपाल नरेश
नरेश