(New Labour Codes/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: New Labour Codes: दफ्तर में लगातार काम करने वाले कर्मचारियों की सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि उनकी मेहनत से मिली छुट्टियां समय पर इस्तेमाल नहीं हो पाती और आखिरकार बेकार चली जाती है। लेकिन अब नए लेबर कोड 2025 के जरिए इस समस्या का समाधान निकाल लिया गया है। सरकार ने ऐसा नियम बनाया है जिससे कर्मचारियों को उनकी छुट्ट्यों का पूरा फायदा मिल सकेगा। यह बदलाव नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है।
पहले कर्मचारियों को बची हुई छुट्टियों का पैसा पाने के लिए नौकरी छोड़ने, रिटायर होने या कंपनी बदलने तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियम के अनुसार कर्मचारी हर साल अपनी बची हुई छुट्टियों को नकद में बदल सकेंगे। यानी अगर आप छुट्टी नहीं ले पाते हैं, तो वह नुकसान नहीं बल्कि अतिरिक्त कमाई का मौका बन जाएगी। इससे कर्मचारियों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा।
नए लेबर कोड में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। पहले ‘अर्न लीव‘ पाने के लिए 240 दिन काम करना जरूरी था, लेकिन अब इसे घटाकर 180 दिन कर दिया गया है। यानी अगर कोई कर्मचारी साल में लगभग 6 महीने काम करता है, तो वह वेतन सहित छुट्टियों का हकदार बन जाएगा। इससे नए कर्मचारियों को भी जल्दी फायदा मिलने लगेगा और उन्हें लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
कई बार ऐसा होता है कि कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन कंपनी काम का हवाला देकर उसे मंजूर नहीं करती। पहले ऐसी छुट्टियां खत्म हो जाती थीं, जिससे कर्मचारियों को नुकसान होता था। अब नए नियम के तहत अगर छुट्टी रद्द होती है, तो वह लैप्स नहीं होगी। उसे अगले साल के लिए आगे बढ़ा दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारी की मेहनत बेकार न जाए और उसे उसका पूरा हक मिले।
यह नया नियम मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए है जो मैनुअल, तकनीकी, ऑपरेशनल या क्लर्कीय काम करते हैं और जिनकी सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह से कम है। मैनेजर या उच्च पदों पर काम करने वाले लोग इस दायरे में नहीं आएंगे। साथ ही यह नियम तभी लागू होगा जब राज्य सरकार इसे अधिसूचित करेगी। इसलिए कर्मचारियों को अपने राज्य के नियमों की जानकारी अवश्य रखनी चाहिए।