नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कर्मचारियों के संगठन ‘नाइट्स’ ने प्रौद्योगिकी कंपनियों से छंटनी के बजाय कौशल विकास पर प्राथमिकता देने को कहा है।
संगठन ने नीतिगत हस्तक्षेप के जरिये कार्यालय में काम करने वाले (व्हाइट-कॉलर) पेशेवरों की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय और अनिवार्य विच्छेद मानदंड लागू करने की मांग की है, क्योंकि उद्योग द्वारा कृत्रिम मेधा (एआई) के आक्रामक विस्तार से नौकरियों में कटौती और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।
नैसेंट इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (नाइट्स) ने तर्क दिया कि हालांकि प्रौद्योगिकी कंपनियों का मुनाफा मजबूत बना हुआ है, लेकिन घटती नौकरी की सुरक्षा कॉरपोरेट जिम्मेदारी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है।
नाइट्स के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सबसे पहले, कंपनियों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर वे एआई में निवेश कर रहे हैं, तो उन्हें अपने मौजूदा कार्यबल को फिर से प्रशिक्षित करने में भी निवेश करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि नौकरियों में कटौती अंतिम विकल्प होना चाहिए, पहला नहीं। उन्होंने नीति निर्माताओं से छंटनी पर स्पष्ट दिशानिर्देश, अनिवार्य नोटिस अवधि, उचित विच्छेद वेतन और नियोक्ता की जवाबदेही लागू करके कर्मचारियों की रक्षा करने का आग्रह किया।
भाषा अजय पाण्डेय
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