नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) पोत परिवहन मंत्रालय ने गुजरात में दो रणनीतिक समुद्री बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी है। इनमें ‘शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम’ के तहत वडीनार में 1,570 करोड़ रुपये की जहाज मरम्मत सुविधा शामिल है। एक सरकारी बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
मंत्रालय ने पोरबंदर ज़िले में एक नया जहाज निर्माण क्लस्टर और कच्छ की खाड़ी में वडीनार में जहाज मरम्मत सुविधा को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी है।
लगभग 2,000 एकड़ में फैले इस क्लस्टर में आधुनिक शिपयार्ड, सहायक विनिर्माण इकाइयां, सामान्य बुनियादी ढांचा और क्षमता विकास केंद्र शामिल होंगे।
इस परियोजना को बड़े वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण के लिए डिजाइन किया गया है, जिनकी सालाना उत्पादन क्षमता 12 से 15 लाख ग्रॉस टनेज (जीटी) होगी। इससे भारत की घरेलू जहाज निर्माण क्षमता में काफी विस्तार होगा।
जहाज निर्माण क्लस्टर का विकास ‘नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क-गुजरात’ (एनएसएचआईपी-गुजरात) के माध्यम से किया जाएगा। यह ‘बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) और ‘गुजरात मैरीटाइम बोर्ड’ द्वारा संयुक्त रूप से प्रोत्साहित किया गया एक विशेष उद्देशीय इकाई (एसपीवी) है।
वडीनार में 1,570 करोड़ रुपये की जहाज मरम्मत सुविधा का विकास ‘कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड’ (सीएसएल) और ‘दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी’ (डीपीए) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
इस परियोजना को पांच मई, 2026 को ‘आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) से मंज़ूरी मिली थी। सैद्धांतिक मंज़ूरी के बाद, परियोजना को पात्र पूंजीगत बुनियादी ढांचे पर 25 प्रतिशत वित्तीय सहायता मिलेगी।
भाषा राजेश राजेश अजय
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