आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की न्याय व्यवस्था को आकार देने में अहम भूमिकाः मेघवाल

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आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की न्याय व्यवस्था को आकार देने में अहम भूमिकाः मेघवाल

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 06:53 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 06:53 PM IST

कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को कहा कि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने भारत की न्याय व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके साथ ही मेघवाल ने कहा कि 16 न्यायाधिकरणों को शामिल करने वाला राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग एक व्यापक ‘सुधार, प्रदर्शन और बदलाव’ अभियान की शुरुआत है।

मेघवाल ने कोलकाता के न्यू टाउन में आईटीएटी के नए परिसर का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। आईटीएटी की कोलकाता पीठ 12 राज्यों में कर विवादों के त्वरित निपटान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिनमें पूर्वोत्तर के सात राज्य भी शामिल हैं।

उन्होंने न्यायाधिकरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए और आईटीएटी के निष्पक्ष, सुलभ और त्वरित न्याय के उद्देश्य को दोहराया।

एक बयान के अनुसार, आईटीएटी के अध्यक्ष सी.वी. भडांग ने कहा कि कोलकाता पीठ का विशेष प्रशासनिक महत्व है और यह खासकर पूर्वोत्तर राज्यों में न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि आईटीएटी ने लंबित मामलों को कम करने और त्वरित न्याय प्रदान करने में प्रगति की है। साथ ही, आगामी आयकर अधिनियम, 2025 और नियम, 2026 की तैयारी के तहत न्यायाधिकरण कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित डिजिटल बदलाव को अपना रहा है।

आयकर विभाग की प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सुरभि वर्मा गर्ग ने कहा कि अलग-अलग मंत्रालयों के अधीन काम करने के बावजूद आयकर विभाग और आईटीएटी के बीच बेहतर समन्वय है। दोनों संस्थाएं मुकदमेबाजी कम करने और करदाताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रयासरत हैं।

उन्होंने विभाग की ‘चेहरा-रहित’ आकलन प्रणाली और आईटीएटी की ई-फाइलिंग पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं में प्रौद्योगिकी आधारित सुधार किए जा रहे हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय