भारत, बेल्जियम को प्रयोगशाला में बने हीरों पर मिलकर काम करना चाहिए: गोयल

भारत, बेल्जियम को प्रयोगशाला में बने हीरों पर मिलकर काम करना चाहिए: गोयल

भारत, बेल्जियम को प्रयोगशाला में बने हीरों पर मिलकर काम करना चाहिए: गोयल
Modified Date: September 4, 2026 / 08:00 pm IST
Published Date: September 4, 2026 8:00 pm IST

मुंबई, चार सितंबर (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को सुझाव दिया कि भारत और बेल्जियम को प्रयोगशाला में बने हीरों के क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहिए।

भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की मौजूदगी में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर एक उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान गोयल ने कहा कि दोनों देशों को प्रयोगशाला में बने हीरों की तकनीक और प्रमाणन के पहलुओं पर काम करने की आवश्यकता है।

रत्न और आभूषण क्षेत्र के बारे में गोयल ने कहा, ”आइए हम मिलकर निर्माण और डिजाइन करें। प्रयोगशाला में बना हीरा एक नया क्षेत्र हो सकता है जिसमें हमें साथ मिलकर काम करने पर विचार करना चाहिए।”

इस पहल को कच्चे हीरों के प्रमुख बाजार एंटवर्प तथा हीरा तराशने में अग्रणी भारतीय शहरों मुंबई और सूरत पर केंद्रित किया जा सकता है।

इससे पहले दिन में वेवर ने भारत डायमंड बोर्स में बेल्जियम की हीरा ग्रेडिंग कंपनी एचआरडी एंटवर्प की विस्तारित सुविधा का उद्घाटन किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह सुविधा अनुसंधान क्षमता में 30 प्रतिशत की वृद्धि करेगी।

गोयल ने कहा कि अन्य क्षेत्र जहां भारत और बेल्जियम एक-दूसरे के पूरक हैं, उनमें सेमीकंडक्टर शामिल हैं और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स में यूरोपीय देश की ताकत भारत के बड़े पैमाने के साथ जुड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश हरित हाइड्रोजन और बंदरगाहों के क्षेत्र में भी काम कर सकते हैं और साथ ही रक्षा तथा आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में भी सहयोग किया जा सकता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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