भारत केयर्न के मध्यस्थता अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की प्रक्रिया में: सूत्र

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भारत केयर्न के मध्यस्थता अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की प्रक्रिया में: सूत्र

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  • Publish Date - March 10, 2021 / 05:35 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:04 PM IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) भारत केयर्न एनर्जी के पक्ष में आये मध्यस्थता अदालत पैनल के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की प्रक्रिया में है। मध्यस्थता पैनल ने भारत सरकार को ब्रिटेन की तेल कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी को 1.2 अरब डालर लौटाने को कहा है। सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

सूत्रों ने कहा कि यदि इस मामले में अपील की कार्रवाई शुरू होती है तो भारत को पूरा विश्वास है कि वह मामले को मजबूती से रख सकता है और अपने हितों का बचाव कर सकता है। हालांकि, सूत्र ने इसके साथ ही यह भी कहा कि वह मौजूदा कानूनी व्यवस्था के दायरे में कर विवाद के रचनात्मक निपटान के लिये सकारात्मक रुख रखता है।

उन्होंने कहा कि भारत केयर्न मध्यस्थता निर्णय मामले में अपील दायर करने की प्रक्रिया में हैं। सूत्रों ने कहा कि इस मामले में यह पूरी तरह से भारत के अधिकार क्षेत्र में है कि वह दोहरे- कराधान और कर दुरुपयोग की स्थिति में सुधार कर ले।

केयर्न के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिमोन थॉमस ने पिछले महीने वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय से मुलाकात कर मध्यस्थता फैसले पर चर्चा की थी।

सूत्रों का कहना है कि केयर्न को इस चर्चा पर अभी अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनका कहना है कि केयर्न ने इस तरह का कर अपवंचना का ढांचा बनाया है जिसमें उसे भारत में अर्जित आय पर दुनिया में कहीं भी कर नहीं देना पड़े।

बहरहाल, एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने दिसंबर में आम सहमति से यह फैसला दिया कि भारत ने ब्रिटेन- भारत द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत 2014 में अपने दायित्व को नहीं निभाया है। भारत के आयकर विभाग ने पिछली तिथि से कर लगाने के कानून के तहत केयर्न पर 10,247 करोड़ रुपये की कर मांग की है।

भाषा

महाबीर रमण

रमण