भारत ने स्विट्जरलैंड के साथ अनुसंधान एवं विकास और फार्मा क्षेत्र में सहयोग का आह्वान किया

भारत ने स्विट्जरलैंड के साथ अनुसंधान एवं विकास और फार्मा क्षेत्र में सहयोग का आह्वान किया

भारत ने स्विट्जरलैंड के साथ अनुसंधान एवं विकास और फार्मा क्षेत्र में सहयोग का आह्वान किया
Modified Date: February 19, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: February 19, 2026 8:38 pm IST

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को स्विट्जरलैंड के साथ अनुसंधान एवं विकास, जैव प्रौद्योगिकी, विशिष्ट फार्मास्युटिकल और उन्नत चिकित्सा विज्ञान में सहयोग का आह्वान किया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उन क्षेत्रों में भी स्विस निवेश की मांग की जहां स्विट्जरलैंड ने विशिष्ट प्रौद्योगिकी ताकत स्थापित की है।

इन मुद्दों पर गोयल और स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच यहां हुई बैठक के दौरान चर्चा की गई।

परमेलिन यहां ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में भाग लेने के लिए आए हैं।

एआई इम्पैक्ट समिट के संदर्भ में, दोनों पक्षों ने जिम्मेदारी के साथ नवाचार को संतुलित करने की आवश्यकता को स्वीकार किया। उन्होंने उल्लेख किया कि व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टेपा) प्रिसिजन इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी सहयोग के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) ने पिछले साल व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टेपा) को लागू किया था।

ईएफटीए के सदस्यों में आइसलैंड, लीश्टेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों के लिए स्विट्जरलैंड के एक हजार अरब डॉलर के बाजार में एकीकृत होने के द्वार खोलता है। किसानों और मछुआरों से लेकर वनवासियों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, छोटे व्यवसायों और पेशेवरों तक, टेपा ने नये अवसरों और उज्ज्वल आर्थिक भविष्य के रास्ते खोल दिए हैं।’

टेपा के तहत भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की सुविधा प्रदान करने और दस लाख प्रत्यक्ष नौकरियों के सृजन में सहायता करने का साझा लक्ष्य रखा गया है।

भाषा सुमित अजय

अजय


लेखक के बारे में