हैदराबाद, 28 जनवरी (भाषा) केंद्रीय विमानन उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बुधवार को कहा कि देश में विनिर्माण परिवेश को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भारत विमानन कलपुर्जों एवं अन्य उत्पादों का वैश्विक निर्यातक बन सके।
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है। हवाई यातायात की मांग लगातार बढ़ रही है। घरेलू विमानन कपंनियों ने 1,500 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं जिससे देश में विमानन क्षेत्र से जुड़ी विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने पर नए सिरे से जोर दिया जा रहा है।
नायडू ने यहां बेगमपेट हवाई अड्डे पर पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘ भारत विमानन क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद भागीदार बन गया है… विमानन, देश के लिए एक मजबूत क्षेत्र बनने जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि मंगलवार को अदाणी समूह और ब्राजील की विमान विनिर्माता कंपनी एम्ब्रेयर ने भारत में क्षेत्रीय परिवहन विमान विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना की घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भी भारत में यात्री विमान बनाने के प्रयासों के तहत एक रूसी इकाई के साथ काम कर रही है।
इससे पहले दिन में, नायडू ने बुधवार से यहां शुरू हुए चार दिवसीय विमानन शिखर सम्मेलन ‘विंग्स इंडिया 2026’ में विमानों की प्रदर्शनी वाले ‘स्टैंड’ का उद्घाटन किया।
मंत्री ने घरेलू मांग को पूरा करने के लिए विनिर्माण परिवेश को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके अगले 10 से 20 वर्ष में उल्लेखनीय रूप से बढ़ने की संभावना है।
विमान विनिर्माता कंपनियां बोइंग और एयरबस वर्तमान में देश से हर साल दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के कलपुर्जे और सेवाएं प्राप्त कर रही हैं। दोनों कंपनियों की भारत में महत्वपूर्ण उपस्थिति है।
भाषा निहारिका मनीषा
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