ईयू में इस्पात निर्यात के लिए भारत को 16.4 लाख टन कोटा, अतिरिक्त नौ लाख टन की संभावनाः अधिकारी

Ads

ईयू में इस्पात निर्यात के लिए भारत को 16.4 लाख टन कोटा, अतिरिक्त नौ लाख टन की संभावनाः अधिकारी

  •  
  • Publish Date - September 15, 2026 / 10:26 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 10:26 PM IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) भारत को यूरोपीय संघ (ईयू) में इस्पात उत्पादों के निर्यात के लिए सालाना 16.4 लाख टन का देश-विशिष्ट शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) मिलेगा। वहीं, सरकार को उम्मीद है कि भारतीय निर्यातक अवशिष्ट कोटे के जरिये करीब नौ लाख टन का अतिरिक्त कोटा हासिल कर सकेंगे।

एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि अतिरिक्त नौ लाख टन को शामिल करने पर भारत के पास ईयू में इस्पात निर्यात के लिए कुल करीब 25 लाख टन का कोटा होने की उम्मीद है।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत देश-विशिष्ट कुल कोटा 16,41,470 टन है। इसमें 9,46,616 टन सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) प्रावधान के तहत और 6,94,853 टन एफटीए के तहत शामिल है।

अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा अवशिष्ट श्रेणी के कोटे भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तीन अवशिष्ट श्रेणियां हैं और इनमें से दो में केवल एफटीए वाले देश ही प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इसलिए हमारे निर्यातकों के लिए इसमें संभावना है।’’

अवशिष्ट कोटा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर काम करता है और इसमें भी अच्छी-खासी मात्रा उपलब्ध है।

अधिकारी ने कहा कि भारत के पिछले प्रदर्शन के आधार पर सरकार ने अनुमान लगाया है कि सतर्क अनुमान के तौर पर भारतीय निर्यातक कम से कम नौ लाख टन का अतिरिक्त कोटा हासिल करने में सक्षम होंगे।

भाषा

यासिर प्रेम

प्रेम