Lucknow mobile EMI abduction case: मोबाइल क़िस्त के बदले निकलवा लिया एक बोतल खून.. महज इतने रुपये के लिए अपहरण, खुद सुनें रिकवरी वालों के दरिंदगी की कहानी

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नवल नामक युवक का आरोप है कि 8 सितंबर को दो लोग उसे घर से ले गए और एक ब्लड बैंक में उसका एक यूनिट खून निकाला गया। इसके बाद उसे कई दिनों तक एक घर में बंधक बनाकर काम कराया गया। आरोपियों ने परिवार से पहले ₹2,799 और फिर ₹12 हजार की मांग की।

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 08:52 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 08:53 PM IST

Lucknow mobile EMI abduction case || Image- Hellobanker File

HIGHLIGHTS
  • ₹2,799 की EMI को लेकर अपहरण का आरोप
  • युवक से ब्लड बैंक में खून निकाला
  • पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

Lucknow mobile EMI abduction case: लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि मोबाइल फोन की क़िस्त नहीं चुकाने पर कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। उसे कई दिनों तक एक घर में बंधक बनाकर रखा गया, जबरन काम कराया गया और लखनऊ के एक ब्लड बैंक में ले जाकर उसका खून भी निकलवाया।

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21,500 रुपये का मोबाइल खरीदा था

पीड़ित की पहचान नवल के तौर पर हुई है। करीब एक साल पहले उसने एक दुकान से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल फोन खरीदा था। यह फोन जीरो डाउन पेमेंट व्यवस्था के तहत लिया गया था। उसकी मासिक किस्त 2,799 रुपये तय की गई थी और कुल 12 किस्तें देनी थीं। परिवार ने बताया कि पहली किस्त की तारीख आने पर दुकान से कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मोबाइल फोन वापस ले गए।

8 सितंबर को युवक को अपने साथ ले गए

Lucknow mobile EMI abduction case: परिवार के मुताबिक 8 सितंबर को दो लोग दोबारा उनके घर पहुंचे और नवल को अपने साथ ले गए। नवल ने बताया कि दोनों उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक में ले गए। उसका एक यूनिट खून निकाला गया। इसके बाद उसे एक घर में ले जाकर कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। युवक का आरोप है कि इस दौरान उससे जबरन मजदूरी कराई गई।

EMI के नाम पर 2,799 रुपये मांगे

आरोप है कि नवल को बंधक बनाने वाले लोगों ने उसके बड़े भाई राजकुमार से संपर्क किया। उन्होंने मोबाइल की किस्त के नाम पर ऑनलाइन 2,799 रुपये भेजने की मांग की। परिवार ने नवल को छोड़ने की गुहार लगाई तो उनसे 12 हजार रुपये और मांगे गए। परिवार का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर नवल को जान से मारने और उसका शव गोमती नदी में फेंकने की धमकी भी दी गई। इससे घबराकर परिवार ने पुलिस से शिकायत की।

पांच दिन बाद घर पहुंचा युवक

Lucknow mobile EMI abduction case: परिवार के अनुसार, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद करीब पांच दिन बाद नवल को एक रैपिडो कैब से घर भेजा गया। आरोप है कि कैब का किराया भी उसके भाई को ही देना पड़ा। परिवार का कहना है कि जब उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की तो उन्हें धमकाया गया। उन्हें यह भी कहा गया कि अगर उन्होंने मामला आगे बढ़ाया तो नवल को भी किसी मामले में फंसा दिया जाएगा।

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सीनियर अफसरों से शिकायत के बाद केस दर्ज

परिवार का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की। इसके बाद नवल की मां ने सीनियर अफसरों से शिकायत की। इसके बाद सोमवार को मामले में केस दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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Q1. लखनऊ में युवक के अपहरण का मामला किस वजह से जुड़ा है?

Ans: मामला ₹21,500 के मोबाइल की कथित तौर पर बकाया EMI से जुड़ा बताया गया है।

Q2. युवक ने आरोपियों पर क्या आरोप लगाए हैं?

Ans: युवक ने अपहरण, ब्लड बैंक में खून निकालने और कई दिनों तक बंधक बनाने का आरोप लगाया।

Q3. पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है?

Ans: शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश और मामले की जांच शुरू की है।