अगस्त में देश का निर्यात 26 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार घाटा पांच माह के निचले स्तर पर

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अगस्त में देश का निर्यात 26 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार घाटा पांच माह के निचले स्तर पर

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 10:12 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 10:12 PM IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) देश का वस्तु निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में मजबूत वृद्धि के बीच सोने के आयात में गिरावट से व्यापार घाटा घटकर पांच महीने के निचले स्तर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया।

मंगलवार को जारी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में देश का आयात 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर रहा। इस दौरान कच्चे तेल, परियोजना वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चांदी तथा कोयला और कोक के आयात में वृद्धि हुई।

अगस्त में सोने का आयात 57.75 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया। वहीं, कच्चे तेल का आयात 37.28 प्रतिशत बढ़कर करीब 16 अरब डॉलर रहा। पिछले महीने ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 से 94 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही।

अगस्त में निर्यात वृद्धि जून, 2022 के बाद सबसे अधिक रही। जून, 2022 में निर्यात 30.12 प्रतिशत बढ़ा था।

अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में क्रमशः 90 प्रतिशत, 25 प्रतिशत और 63.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

पिछले महीने व्यापार घाटा गिरकर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया। इससे पहले व्यापार घाटे का सबसे निचला स्तर मार्च में 20.67 अरब डॉलर रहा था। यह अगस्त, 2025 में 27.22 अरब डॉलर और जुलाई, 2026 में 31.98 अरब डॉलर रहा था।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अगस्त के निर्यात आंकड़ों को मजबूत बताया। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ये आंकड़े विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाते हैं।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने व्यापार आंकड़ों पर संवाददाताओं से कहा कि निर्यात वृद्धि की अच्छी गति जारी है और इसमें और तेजी आ रही है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में आयात में वृद्धि मजबूत घरेलू आर्थिक विस्तार, बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और विनिर्माण क्षेत्र की तेज वृद्धि के लिए जरूरी महत्वपूर्ण कच्चे माल के कारण हुई है।

उन्होंने कहा कि व्यापार घाटा बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, कोयला, कोक एवं ब्रिकेट और इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं। वहीं, इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा निर्यात वृद्धि के प्रमुख कारक रहे।

अग्रवाल ने कहा कि निर्यात की मांग अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से आई है।

अप्रैल-अगस्त 2026-27 में वस्तु निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर रहा।

चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 147.09 अरब डॉलर हो गया, जो अप्रैल-अगस्त 2025-26 में 123.88 अरब डॉलर था।

अप्रैल-अगस्त 2026-27 में कच्चे तेल का आयात बढ़कर 95.57 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 78.07 अरब डॉलर था। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 46.31 अरब डॉलर से बढ़कर 66.48 अरब डॉलर हो गया।

इस अवधि में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 25.32 अरब डॉलर से बढ़कर 35.31 अरब डॉलर रहा।

अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक सामान और परियोजना वस्तुओं का आयात क्रमशः 53.27 प्रतिशत बढ़कर 13 अरब डॉलर और 377.71 प्रतिशत बढ़कर 96.078 करोड़ डॉलर रहा।

सरकारी अनुमानों के मुताबिक, अगस्त में सेवा निर्यात 38.87 अरब डॉलर और सेवा आयात 21.42 अरब डॉलर रहा।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय