(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि भारत नवाचार के साथ जुझारूपन, आर्थिक वृद्धि के साथ टिकाऊपन और सामाजिक समावेश के साथ विकास के मेल के जरिये वैश्विक नेतृत्व के रूप में उभरने की विशिष्ट स्थिति में है।
यादव ने यहां उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की तरफ से आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, स्टार्टअप वृद्धि और विनिर्माण के माध्यम से वैश्विक बदलाव को दिशा दे रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत अब नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। मार्च, 2026 तक भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 150 गीगावाट पर पहुंच गई जबकि 2014 में यह 2.82 गीगावाट थी।’’
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि देश की लगभग 50 प्रतिशत स्थापित बिजली क्षमता अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आ रही है। इस तरह भारत ने 2030 के लक्ष्य से पहले ही इसे हासिल कर लिया है।
यादव ने अगले महीने प्रस्तावित ‘इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस समिट 2026’ का उल्लेख करने के साथ कॉरपोरेट क्षेत्र से बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए वित्तपोषण और साझेदारी बढ़ाने की अपील की।
‘इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस’ अपनी तरह का अनूठा वैश्विक मंच है, जो उन देशों को साथ लाता है जहां शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जैगुआर और प्यूमा जैसी बड़ी बिल्लियों की सात प्रमुख प्रजातियां पाई जाती हैं।
उन्होंने कहा, “आवास पुनर्स्थापन, प्रौद्योगिकी की मदद से निगरानी, सामुदायिक संरक्षण, क्षमता निर्माण और जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र से पैसे मिलना बेहद जरूरी है।”
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प्रेम अजय
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