अमरावती, 10 जून (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कथित चरमपंथी नेटवर्क की जांच आंध्र प्रदेश पुलिस से अपने हाथ में ले ली है। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने मामले में अबतक प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में विभिन्न राज्यों से 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े दक्षिणी राज्य के तीन लोगों समेत एक दर्जन संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान में अपनी टीम भेजी थीं।
पुलिस ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद रहमतुल्ला शरीफ और उसके साथी उन लोगों के संपर्क में थे जो ऑनलाइन वीडियो के जरिए ‘जिहादी दुष्प्रचार’ कर रहे थे और युवाओं को उकसा रहे थे।
पुलिस को संदेह है कि आतंकी समूह के विस्तार की रणनीति के तहत महिलाओं को एक अलग ‘ख्वातीन’ विंग में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा था।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘संदिग्धों के कथित आतंकी संबंधों, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और मामले के अन्य पहलुओं की आगे जांच के लिए पिछले हफ्ते यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया था।’’
उन्होंने कहा कि जांच में एक ऐसे नेटवर्क की जानकारी मिली है जो कथित तौर पर ऑनलाइन मंच के जरिए कट्टरपंथ को बढ़ावा देने, लोगों को भर्ती करने और चरमपंथी प्रचार-प्रसार में शामिल था।
अधिकारी ने बताया कि मामले में विजयवाड़ा के तीन युवकों शरीफ, मिर्ज़ा सोहेल बेग और मोहम्मद दानिश को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे थे और विदेशी आकाओं से जुड़े लोगों के संपर्क में थे।
उन्होंने बताया कि आरोपी ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) और ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया’ (आईएसआईएस) जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के समर्थकों से जुड़े हुए थे और वे सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल कट्टरपंथी सामग्री फैलाने और युवाओं को भर्ती करने के लिए करते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में कई राज्यों में नेटवर्क को फैलाने की कथित योजनाओं और युवाओं को चरमपंथी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिशों की जानकारी मिली।
भाषा धीरज प्रशांत
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