भारत-मोल्दोवा व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर सहमतः राष्ट्रपति मुर्मू
भारत-मोल्दोवा व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर सहमतः राष्ट्रपति मुर्मू
(अश्विनी श्रीवास्तव)
किशनॉउ (मोल्दोवा), 20 जुलाई (भाषा) भारत और मोल्दोवा ने सोमवार को व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाने और संपर्क सुधारने पर सहमति जताई।
पूर्वी यूरोपीय देश मोल्दोवा की यात्रा पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में आर्थिक सहयोग एक प्रमुख आधार बना हुआ है।
उन्होंने मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया संदू के साथ व्यापक और भविष्य उन्मुख वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। मुर्मू मोल्दोवा की यात्रा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं।
उन्होंने कहा, “आर्थिक सहयोग हमारी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है। हमने व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने, संपर्क बेहतर करने और कारोबारी समुदायों के बीच करीबी सहभागिता को प्रोत्साहन देने पर सहमति जताई है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि इस यात्रा के दौरान आयोजित भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देगा।
दोनों देशों ने कृषि, लॉजिस्टिक और अवसंरचना, स्वास्थ्य और औषधि, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम मेधा और नवोन्मेषण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
मुर्मू ने कहा कि उनकी यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव है और यह दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता तथा आपसी विश्वास को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “भारत और मोल्दोवा के बीच तीन दशक से अधिक समय से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। भौगोलिक दूरी के बावजूद यह साझेदारी शांति, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साझा मूल्यों पर आगे बढ़ी है।”
मोल्दोवा में करीब 2,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें लगभग 1,800 मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं। यह देश भारतीय छात्रों के प्रमुख विदेशी केंद्रों में से एक बनकर उभरा है।
यह यात्रा मुर्मू के तीन यूरोपीय देशों के दौरे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करना है।
दोनों पक्षों ने हाल के वर्षों में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। शिक्षा क्षेत्र में आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
भारत ने मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या दोगुनी करने की घोषणा की है, जिसमें कृत्रिम मेधा (एआई) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के विशेष पाठ्यक्रम शामिल होंगे।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और शांति, संवाद तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुर्मू ने कहा, “हमने साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने और शांतिपूर्ण, स्थिर तथा समृद्ध विश्व के निर्माण के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई है।”
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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