इंडिया रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 10.1 प्रतिशत किया

इंडिया रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 10.1 प्रतिशत किया

इंडिया रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 10.1 प्रतिशत किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: April 23, 2021 10:04 am IST

मुंबई, 23 अप्रैल (भाषा) आर्थिक शोध एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एण्ड रिसर्च ने शुक्रवार को वर्ष 2021- 22 के लिये भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का अनुमान पहले के 10.4 प्रतिशत से घटाकर 10.1 प्रतिशत कर दिया है। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर को देखते हुये यह संशोधन किया गया है।

इंडिया रेटिंग्स ने कहा है कि जब देश के बड़े हिस्से में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से चिकित्सा सुविधाओं पर भारी दबाव है। ऐसे में एजेंसी ने कहा है कि कोरोना की यह दूसरी लहर मध्य मई से कमजोर पड़नी शुरू हो जायेगी।

रिजर्व बैंक ने भी इस माह की शुरुआत में जारी मौद्रिक नीति की समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी वृद्धि 10.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है हालांकि गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस दौरान देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को वृद्धि के रास्ते में आने वाली सबसे बड़ी अड़चन बताया।

अन्य ब्रोकरेज कंपनियां और विश्लेषक भी कोरोना वायरस की दूसरी लहर को देखते हुये भारत की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमानों को कम कर रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष 2020- 21 में भारत की जीडीपी दर में 7.6 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान है।

इंडिया रेटिंग्स ने कहा है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर का आर्थिक प्रभाव इतना ज्यादा नहीं होगा जैसा कि पहली लहर का पड़ा था। इसकी वजह, पहली लहर के चरम पर पहुंचने के समय जितने मामले थे उसके मुकाबले दूसरी लहर में दैनिक मामलों की संख्या तीन गुणा तक पहुंच जाने के बावजूद लॉकडाउन स्थानीय स्तर तक ही सीमित रखा जा रहा है।

इसके साथ ही कोरोना वायरस का टीका लगने से भी सुरक्षा बढ़ेगी। देश में 21 अप्रैल तक 13.20 करोड़ लोगों को टीका लग चुका है। सरकार ने एक मई से सभी वयस्को को टीका लगाने की घोषणा की है इसके लिये 176.80 करोड़ खुराक की आवश्यकता होगी। टीके का उत्पादन और टीकाकरण की रफ्तार दोनों ही कोरोना के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण होंगे।

एजेंसी ने कहा है, ‘‘यही वजह है कि इंडिया रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2021-22 की जीडीपी वृद्धि के अनुमान को पहले के 10.4 प्रतिशत से घटाकर 10.1 प्रतिशत कर दिया है।’’

भाषा

महाबीर

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