नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच भारत और रूस ने इस्पात क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए बृहस्पतिवार को एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
इस्पात मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक रूसी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रतिनिधियों के साथ चर्चा में भाग लिया। रूसी प्रतिनिधिमंडल में उद्योग और संबंधित क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में कच्चे माल की खरीद, तकनीकी सहयोग, उपकरण विनिर्माण और शोध अवसरों जैसे प्रमुख इस्पात क्षेत्र के मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श और विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत-रूस गोलमेज सम्मेलन आज इस्पात मंत्रालय में आयोजित किया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता इस्पात मंत्रालय के सचिव और रूस के उद्योग और व्यापार उप मंत्री मिखाइल इयूरिन ने की।’’
बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और मौजूदा संबंधों की समीक्षा की। सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस्पात क्षेत्र और संबंधित उद्योगों से जुड़े व्यापक क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
इस बातचीत से दोनों पक्षों को एक-दूसरे के दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझने और क्षेत्र में निरंतर सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने में भी मदद मिली। बैठक के दौरान निरंतर संवाद और सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘चर्चा सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में हुई, जो भारत और रूसी संघ के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दर्शाती है। दोनों पक्षों ने इस्पात क्षेत्र में सहयोग जारी रखने तथा उसे और मजबूत करने की इच्छा जतायी।’’
भाषा रमण अजय
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