भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खत्म हुआ अनिश्चितता का माहौलः शीर्ष अधिकारी

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खत्म हुआ अनिश्चितता का माहौलः शीर्ष अधिकारी

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 03:11 PM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 03:11 PM IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा से वैश्विक चुनौतियों के बीच बनी अनिश्चितता का माहौल खत्म हुआ है और इसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने मंगलवार को यह संभावना जताई।

द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगाया जाने वाले जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। यह प्रगति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद संभव हो सकी।

आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत व्यापक आर्थिक जुझारूपन दिखा रही है। वैश्विक वातावरण में अनिश्चितताएं हैं, लेकिन आज सुबह एक बड़ी अनिश्चितता समाप्त हो गई।”

उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार समझौते के विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा कर रही है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि 2026-27 में आर्थिक वृद्धि 6.8-7.2 प्रतिशत के अनुमान से अधिक हो सकती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष का बजट उच्च अमेरिकी शुल्क की स्थिति को देखते हुए तैयार किया गया था लेकिन वित्त मंत्रालय बजट में की गई सभी राजकोषीय प्रतिबद्धताओं को पारदर्शी तरीके से पूरा करने को लेकर आश्वस्त है।

ठाकुर ने यह भी कहा कि मजबूत आर्थिक रफ्तार को देखते हुए 2026-27 में सरकार के राजस्व संग्रह और विनिवेश से प्राप्तियों के अनुमान से अधिक रहने की संभावना है।

इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि व्यापार समझौते की घोषणा से विश्व अर्थव्यवस्था पर छाए अनिश्चितता के बादलों में से एक हट गया है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में ऋण वृद्धि अभी ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त नहीं है।

नागराजू ने बताया कि बजट में प्रस्तावित बैंकिंग क्षेत्र के लिए उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति इस मुद्दे पर विचार करेगी और ऋण वृद्धि को बढ़ाने के उपाय सुझाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इस समिति का गठन करेगी और इसके कार्य एवं शर्तों को अंतिम रूप देगी।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय