Kawasi Lakhma Bail Latest News: कवासी लखमा को रहना होगा छत्तीसगढ़ से बाहर, केवल इस काम के लिए आ सकेंगे राज्य, जमानत के साथ सुप्रीम कोर्ट ने लगाई ये शर्तें

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अब कवासी लखमा को रहना होगा छत्तीसगढ़ से बाहर, Chhattisgarh liquor scam: Kawasi Lakhma Bail From SC, Read Full News

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 04:25 PM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 04:37 PM IST

Kawasi Lakhma Bail From SC. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को सशर्त जमानत दी
  • जमानत की शर्तों के तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा
  • शराब सिंडिकेट से हर महीने 2 करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप

रायपुरः Chhattisgarh liquor scam छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा एक साल से भी अधिक समय बाद जेल से बाहर आएंगे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा। लखमा सिर्फ पेशी के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और पता व मोबाइल नंबर पुलिस थाने में दर्ज कराना होगा। Kawasi Lakhma Bail From SC

बता दें कि शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर करीब ढाई घंटे सुनवाई हुई। वकीलों की दलीलें सुनन के बाद कोर्ट ने कवासी लखमा को सशर्त जमानत दी है। ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

15 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी (Kawasi Lakhma Bail)

Chhattisgarh liquor scam  शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही शराब घोटाले के केस में ईओडब्ल्यू ने केस भी दर्ज किया था। कवासी लखमा तब से जेल में हैं। हाल ही में ईडी ने कवासी लखमा के खिलाफ चार्जशीट भी पेश की है। Kawasi Lakhma Bail From SC

दो करोड़ हर महीने कमीशन लेने का आरोप (Kawasi Lakhma Latest News)

शराब घोटाला उस समय हुआ था जब राज्य में भूपेश बघेल की सरकार थी और कवासी लखमा आबकारी विभाग के मंत्री थे। आरोप है कि शराब माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए कवासी लखमा ने नियमों को शिथिल किया इसके साथ ही उन्हें इस सिंडिकेट से हर महीने 2 करोड़ रुपये का कमीशन मिलता था।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला? (Konta MLA Lakhma)

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ED ने इस मामले में एसीबी में FIR दर्ज कराई है, जिसमें करीब 3,200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है। FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल बताए गए हैं। ED के अनुसार, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

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कवासी लखमा को जमानत किस कोर्ट से मिली है?

कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से शराब घोटाला मामले में सशर्त जमानत मिली है।

जमानत के साथ सुप्रीम कोर्ट ने क्या शर्तें लगाई हैं?

कोर्ट ने शर्त रखी है कि कवासी लखमा छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे, केवल पेशी के लिए राज्य में आ सकेंगे। साथ ही उन्हें पासपोर्ट जमा करना होगा और अपना पता व मोबाइल नंबर स्थानीय थाने में दर्ज कराना होगा।

कवासी लखमा की गिरफ्तारी कब हुई थी?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कवासी लखमा को 15 जनवरी को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का कुल अनुमानित आंकड़ा कितना है?

ईडी के अनुसार, इस घोटाले की राशि करीब 3,200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

शराब घोटाले में किन-किन पर आरोप हैं?

इस मामले में राजनेताओं, IAS अधिकारियों, आबकारी विभाग के अफसरों और कारोबारियों पर आरोप हैं। ईडी के अनुसार, इसमें IAS अनिल टुटेजा, एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़ा कथित सिंडिकेट शामिल है।