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नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि देश में सहकारी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी।
राष्ट्रीय राजधानी में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि मंत्रालय की स्थापना से भारत के सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है, जिसे कांग्रेस शासन के दौरान ‘‘उपेक्षित आंदोलन’’ बनाया गया था।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अगले दो वर्षों में इसका विस्तार 500 शहरों तक किया जाएगा।
शाह ने कहा, ‘‘ भारत टैक्सी की तर्ज पर हम सहकारी क्षेत्र में एक जीवन बीमा कंपनी स्थापित करेंगे। इससे बीमा क्षेत्र में सहकारी संस्थाओं के विकास में मदद मिलेगी।’’
उन्होंने बताया कि उर्वरक क्षेत्र की सहकारी संस्था इफको पहले से ही एक जापानी कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम के माध्यम से बीमा कारोबार में है।
भारत में लगभग 8.5 लाख सहकारी संस्थाएं हैं, जिनके 30 करोड़ से अधिक सदस्य हैं।
मंत्री ने पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिनमें सहकारी तंत्र में पारदर्शिता और पेशेवर व्यवस्था लाने के प्रयास शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र का एक ‘डेटाबेस’ तैयार किया है, जिससे देश में सहकारी संस्थाओं के विस्तार में मदद मिलेगी।
शाह ने कहा कि गुजरात के आणंद में क्षमता निर्माण के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जो मानव संसाधन की समस्या से निपटेगा।
मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं का विस्तार कई क्षेत्रों में हुआ है और वे अब केवल डेयरी, चीनी तथा उर्वरक कारोबार तक सीमित नहीं हैं।
शाह ने विश्वास जताया कि सहकारी क्षेत्र वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय मंत्रालय पर राज्यों के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप करने की आशंका जताए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस शासित राज्यों ने भी यह शिकायत नहीं की कि केंद्रीय मंत्रालय ने उनके अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप किया है।
शाह ने कहा, ‘‘ केंद्रीय मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों के विषयों में हस्तक्षेप करना नहीं है। इसका उद्देश्य नीतियां बनाना है।’’
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों ने हमेशा गरीबों के हित में सर्वांगीण विकास के लिए काम किया है।
केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कांग्रेस पर सहकारी तंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय इस क्षेत्र पर ‘‘माफिया’’ का शासन था।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर राजग सरकार ने सहकारी क्षेत्र को मजबूत किया है।
सिंह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को अधिक संगठित बनाने के लिए डेयरी सहकारी व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। डेयरी क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अब भी असंगठित है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सहकारी क्षेत्र को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था।
कार्यक्रम के दौरान शाह ने कई प्रमुख परियोजनाओं और पहलों का शिलान्यास तथा उद्घाटन किया।
इन पहलों में 75,000 टन क्षमता वाले 135 गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का उद्घाटन तथा 47 अनाज भंडारण गोदामों का वर्चुअल शिलान्यास शामिल था।
इसके अलावा, अमूल और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) द्वारा ‘सहकार वन’ का भूमिपूजन तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की ऊतक संवर्धन (टिश्यू कल्चर) सुविधाओं का उत्तर प्रदेश के बाराबंकी तथा महाराष्ट्र के जलगांव में भूमिपूजन भी किया गया।
कार्यक्रम की एक अन्य प्रमुख उपलब्धि 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को ई-पैक्स में बदलना रही, जो जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं के डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
शाह ने डेयरी सहकारी समितियों के लिए मॉडल उपविधियां तथा पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की उपलब्धियों पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया।
मंत्रालय ने ‘सहकार से समृद्धि’ तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ किसानों, महिलाओं, युवाओं, लघु उत्पादकों, डेयरी किसानों, शहरी सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण संस्थानों को जोड़ने वाला सहकारी तंत्र विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भाषा निहारिका नरेश
नरेश