भारतीय उद्योग जगत ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास दृष्टिकोण, आत्मनिर्भरता की पहल का किया समर्थन

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भारतीय उद्योग जगत ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास दृष्टिकोण, आत्मनिर्भरता की पहल का किया समर्थन

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 03:29 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 03:29 PM IST

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) उद्योग जगत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंतत्रा दिवस समारोह में किए गए संबोधन को लेकर शनिवार को कहा कि वह निवेश, रोजगार, नवाचार और विनिर्माण को बढ़ावा देने के मकसद से मोदी की घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘हम आजादी के 80 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन लोगों, सतत विकास और भारत की वैश्विक ताकतों को विकास यात्रा के केंद्र में रखता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल का उनका आह्वान आत्मनिर्भर तथा भविष्य के लिए तैयार राष्ट्र के निर्माण के हमारे बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। भारत एक दशक से कुछ अधिक समय में ‘फ्रेजाइल फाइव’ देशों में शामिल होने से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है।’’

बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस गति को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता में उद्योग उनके साथ है और रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों में निरंतर निवेश के माध्यम से इसे गति देने को तैयार है।

उन्होंने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को बड़े अवसर वाला क्षेत्र बताते हुए कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों के जरिये बाजार पहुंच बढ़ने के साथ भारत को अपने कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना चाहिए।

बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री का परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर तथा हरित और नीली अर्थव्यवस्था (समुद्री अर्थव्यवस्था) पर जोर इस बात के संकेत देता है कि भारत के विकास का अगला दशक किन क्षेत्रों से आएगा। भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को मिली मान्यता से वैश्विक आर्थिक उपस्थिति को भी नया आयाम मिला है।

प्रधानमंत्री ने अपने करीब 75 मिनट के संबोधन में देश को आगे बढ़ाने और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए ‘सप्त धारा’ के तहत विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था तथा सॉफ्ट पावर पर जोर दिया।

एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा ने कहा कि ‘सप्त धारा’ का ढांचा समावेशी, टिकाऊ और तेज विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता, वोकल फॉर लोकल, घरेलू विनिर्माण और रणनीतिक क्षमताओं पर जोर आर्थिक मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मिंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस पर रखा गया विकास का दृष्टिकोण भारतीय उद्योग और व्यापक कारोबारी समुदाय में मजबूत भरोसा पैदा करता है।

भाषा यासिर योगेश

योगेश