भारत का विदेशी कर्ज मार्च, 2026 के अंत तक बढ़कर 762.8 अरब डॉलर हुआ: आरबीआई

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भारत का विदेशी कर्ज मार्च, 2026 के अंत तक बढ़कर 762.8 अरब डॉलर हुआ: आरबीआई

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 07:37 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 07:37 PM IST

मुंबई, 29 जून (भाषा) देश का कुल विदेशी ऋण मार्च, 2026 के अंत तक बढ़कर 762.8 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 26.3 अरब डॉलर अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

‘मार्च, 2026 के अंत तक भारत का विदेशी ऋण’ संबंधी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रुपये तथा अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण 24.6 अरब डॉलर का मूल्यांकन प्रभाव दर्ज किया गया।

आरबीआई ने कहा, “यदि इस मूल्यांकन प्रभाव को शामिल न किया जाए, तो मार्च, 2025 की तुलना में मार्च, 2026 के अंत तक विदेशी ऋण में 26.3 अरब डॉलर के बजाय 51 अरब डॉलर की वृद्धि होती।”

केंद्रीय बैंक ने यह भी बताया कि विदेशी ऋण और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात मार्च, 2026 के अंत में बढ़कर 20.8 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 19.8 प्रतिशत था।

आरबीआई के अनुसार, मार्च, 2026 के अंत में दीर्घकालिक ऋण (एक वर्ष से अधिक की मूल परिपक्वता वाला) 613.5 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.6 अरब डॉलर अधिक है।

बयान में कहा गया है कि कुल विदेशी ऋण में अल्पकालिक ऋण (एक वर्ष तक की मूल परिपक्वता वाला) की हिस्सेदारी बढ़कर 19.6 प्रतिशत हो गई, जो मार्च, 2025 के अंत में 18.3 प्रतिशत थी।

इसी प्रकार, विदेशी मुद्रा भंडार के मुकाबले अल्पकालिक ऋण का अनुपात भी बढ़कर 21.6 प्रतिशत हो गया, जो एक वर्ष पहले 20.1 प्रतिशत था।

मार्च, 2026 के अंत में भारत के विदेशी कर्ज में अमेरिकी डॉलर मूल्य वर्ग के कर्ज की हिस्सेदारी सबसे अधिक 55.5 प्रतिशत रही। इसके बाद भारतीय रुपये (29.4 प्रतिशत), येन (6.4 प्रतिशत), एसडीआर (विशेष आहरण अधिकार) (4.3 प्रतिशत) और यूरो (3.7 प्रतिशत) में दर्ज कर्ज का स्थान रहा।

आरबीआई ने बताया कि एक साल पहले के स्तर की तुलना में मार्च, 2026 के अंत में सामान्य सरकार का बकाया कर्ज घटा है, जबकि गैर-सरकारी कर्ज में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विदेशी कर्ज के घटकों में ऋण की हिस्सेदारी सबसे अधिक 34.7 प्रतिशत रही। इसके बाद मुद्रा और जमा (22.3 प्रतिशत), व्यापार ऋण और अग्रिम (19 प्रतिशत) तथा ऋण प्रतिभूतियों का स्थान (16.1 प्रतिशत) रहा।

भाषा योगेश अजय

अजय