ई-जागृति पोर्टल में कृत्रिम मेधा के जुड़ने से उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामले होंगे कम: सरकार

Ads

ई-जागृति पोर्टल में कृत्रिम मेधा के जुड़ने से उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामले होंगे कम: सरकार

  •  
  • Publish Date - February 13, 2024 / 07:38 PM IST,
    Updated On - February 13, 2024 / 07:38 PM IST

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि ‘ई-जागृति’ पोर्टल में कृत्रिम मेधा (एआई) के जुड़ने से उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार ई-जागृति पोर्टल सभी स्तरों पर सरल, तेज और अधिक किफायती उपभोक्ता विवाद निवारण सॉफ्टवेयर समाधान मुहैया कराता है।

इसमें उपभोक्ता शिकायत मंचों – ऑनलाइन मुकदमा निगरानी प्रणाली (ओसीएमएस), ई-दाखिल, एनसीडीआरसी मुकदमा निगरानी प्रणाली, कॉन्फोनेट वेबसाइट, मध्यस्थता अनुप्रयोग को एक ही मंच में जोड़ने की परिकल्पना की गई है।

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने मंगलवार को सभी हितधारकों को ‘ई-जागृति’ की विशेषताओं से परिचित कराने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया।

सिंह ने सम्मेलन में कहा कि ई-जागृति में एआई को जोड़ने से उपभोक्ता आयोगों में लंबित मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण