आईओसी पेट्रोनास के साथ संयुक्त उद्यम को बेच सकती है कुछ पेट्रोल पंप

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आईओसी पेट्रोनास के साथ संयुक्त उद्यम को बेच सकती है कुछ पेट्रोल पंप

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  • Publish Date - August 2, 2021 / 06:19 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:13 PM IST

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के वित्त निदेशक एस के गुप्ता ने सोमवार को कहा कि कंपनी अपने पेट्रोल पंप नेटवर्क का कुछ हिस्सा मलेशिया की कंपनी पेट्रोनास के साथ गठित अपने संयुक्त उद्यम को बेच सकती है।

इंडियन आयल भारत में पेट्रोलियम उत्पादों का खुदरा कारोबार करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। देश भर में इसके नेटवर्क में 32,300 से अधिक पेट्रोल पंप हैं। कंपनी अपने विशाल ईंधन विपणन नेटवर्क का मौद्रीकरण करने के लिए ऐसा करने पर विचार कर रही है।

एलपीजी के आयात के लिए पेट्रोनास के साथ आईओसी का दो दशक से अधिक पुराना संयुक्त उद्यम इंडियनऑयल पेट्रोनास प्राइवेट लिमिटेड (आईपीपीएल) है, जिसमें दोनों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

आईपीपीएल अपन अपने कारोबारी दायरे को बढ़ाकर उसमें ईंधन और प्राकृतिक गैस के विपणन को भी शामिल करने पर काम कर रही है।

गुप्ता ने निवेशकों से वार्ता के दौरान कहा, ‘‘हमारे पास सभी विकल्प खुले हैं – आईपीपीएल नए खुदरा आउटलेट स्थापित कर सकती है, वह (राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर) रास्ते के किनारे सुविधाएं स्थापित कर सकती है और हम अपने कुछ मौजूदा खुदरा पंपों संयुक्त उद्यम को बेचकर मौद्रिकरण भी कर सकते हैं।’’

आईपीपीएल ऐसे पेट्रोल पंप स्थापित कर सकता है जो न केवल पेट्रोल और डीजल बेचेंगे, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट के साथ ही सीएनजी, एलपीजी और एलएनजी डिस्पेंसिंग स्टेशन भी होंगे।

गुप्ता ने कहा कि ईंधन विपणन व्यवसाय खुल रहा है, जिसके लिए संचालन में तेजी की जरूरत है।

यह पूछे जाने पर कि क्या आईपीपीएल के खुदरा कारोबार से आईओसी के कारोबार पर असर नहीं पड़ेगा, उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा मांग बढ़ रही है और इसमें सभी कंपनियों के लिए जगह होगी।

भाषा पाण्डेय मनोहर

मनोहर