मुंबई, आठ अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को सुखद समाचार बताया और कहा कि कुछ ही घंटों बाद लिए गए नीतिगत निर्णय में इसे ध्यान में रखा गया।
मल्होत्रा ने नीतिगत समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘सुबह साढ़े पांच बजे हमें कुछ सुखद समाचार मिले, जो शायद पूरी तरह से आश्चर्यजनक नहीं थे।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘युद्धविराम को कुछ हद तक ध्यान में रखा गया है। इसके पूर्ण प्रभाव का आकलन बाद में होगा, लेकिन मौद्रिक नीति के निर्णय में युद्धविराम को शामिल किया गया है।’’
हालांकि, यह एक पूर्व-निर्धारित समीक्षा थी, लेकिन युद्धविराम की खबर के बाद दुनिया के किसी भी केंद्रीय बैंक द्वारा लिया गया ऐसा पहला फैसला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिजर्व बैंक की यह पहली नीतिगत घोषणा है।
पिछले 39 दिन से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं, जो ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों और उस पर ईरान की प्रतिक्रिया के बाद शुरू हुआ था।
मल्होत्रा ने बताया कि छह सदस्यीय दर-निर्धारण समिति (एमपीसी) सुबह 10 बजे सार्वजनिक रूप से निर्णय की घोषणा करने से पहले बैठक करती है।
केंद्रीय बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया।
समिति ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल, कमजोर होते रुपये और व्यापार प्रवाह में आए व्यवधान के बाद बढ़ी अनिश्चितता का जिक्र किया।
भाषा पाण्डेय अजय
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