ITR Filing Last Date: 31 जुलाई की डेडलाइन निकल गई तो घबराने की बात नहीं! अब कब तक भर सकेंगे ITR, कौन देगा जुर्माना और किसे मिलेगी राहत? जानें

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ITR Filing Last Date: अगर आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है तो पहले अपनी कैटेगरी और आय की जानकार जांच लें। हर करदाता के लिए आखिरी तारीख अलग हो सकती है। कुछ लोगों के लिए 31 अगस्त, 31 अक्टूबर या 30 नवंबर दाखिल करने का मौका मिल सकता है।

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 12:07 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 12:15 PM IST

(ITR Filing Last Date/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • 31 जुलाई के बाद भी ITR भरने का मौका मौजूद।
  • अलग-अलग करदाताओं के लिए अलग डेडलाइन।
  • 31 अगस्त, 31 अक्टूबर और 30 नवंबर अहम तारीखें।

नई दिल्ली: ITR Filing Last Date: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की 31 जुलाई 2026 की समय सीमा खत्म हो चुकी है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर करदाता की डेडलाइन (ITR Filing Last Date) समाप्त हो गई है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई है। कुछ लोगों को 31 अगस्त, कुछ को 31 अक्टूबर और कुछ को 30 नवंबर तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलेगा।

31 जुलाई की डेडलाइन किनके लिए थी?

31 जुलाई 2026 की आखिरी तारीख उन व्यक्तिगत करदाताओं, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और अन्य लोगों के लिए थी, जिनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं होता। इसमें ज्यादातर नौकरीपेशा लोग, पेंशन लेने वाले और ऐसे करदाता शामिल हैं, जिन्हें अपने अकाउंट की ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं करनी होती। अगर इस श्रेणी के लोग समय पर ITR नहीं भर पाए हैं तो वे बिलेटेड रिटर्न (ITR Filing Last Date) दाखिल कर सकते हैं। हालांकि इसमें लेट फीस, ब्याज और रिफंड में देरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

31 अगस्त, 31 अक्टूबर और 30 नवंबर की डेडलाइन किसके लिए?

बिजनेस या प्रोफेशन से जुड़े कुछ करदाताओं के लिए 31 अगस्त 2026 तक ITR दाखिल करने का मौका है। इसमें ऐसे कारोबारी और प्रोफेशनल शामिल हो सकते हैं, जिनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है और जो प्रिजम्पटिव टैक्स योजना के तहत आते हैं। वहीं जिन करदाताओं के खातों का टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 रखी गई है। इसके अलावा ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत रिपोर्ट जमा करने वाले करदाताओं को 30 नवंबर 2026 तक समय मिलेगा।

तय तारीख निकलने के बाद क्या होगा?

अगर कोई व्यक्ति अपनी निर्धारित डेडलाइन तक ITR दाखिल नहीं कर पाता है तो वह बिलेटेड रिटर्न (ITR Filing Last Date) भर सकता है। इसके लिए आयकर अधिनियम की धारा 139(4) लागू होती है। देरी से रिटर्न भरने पर लेट फीस और टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है। साथ ही कुछ मामलों में नुकसान को आगे ले जाने का फायदा भी नहीं मिल पाता। संशोधित रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2027 तक हो सकती है।

ITR भरने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

रिटर्न दाखिल करने से पहले अपनी आय और टैक्स की जानकारी को फॉर्म 26AS, AIS और TIS से जरूर मिलाएं। अगर कोई सेल्फ असेसमेंट टैक्स बाकी है तो पहले उसका भुगतान करें। ITR जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन पूरा करना भी जरूरी है। सही जानकारी के साथ समय पर वेरिफिकेशन करने से रिफंड में देरी और टैक्स संबंधी परेशानियों से बचा जा सकता है।

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क्या 31 जुलाई के बाद भी ITR दाखिल किया जा सकता है?

हां, 31 जुलाई के बाद भी कई करदाता बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है।

31 अगस्त 2026 की ITR डेडलाइन किन लोगों के लिए है?

यह डेडलाइन कुछ ऐसे कारोबारी और प्रोफेशनल करदाताओं के लिए है, जिनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।

टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं की आखिरी तारीख क्या है?

जिन करदाताओं के खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।

30 नवंबर 2026 तक कौन ITR भर सकते हैं?

ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत रिपोर्ट जमा करने वाले करदाताओं को 30 नवंबर 2026 तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलता है।