श्रीनगर, 23 मई (भाषा) जम्मू कश्मीर सरकार ने खर्चों पर कटौती के मकसद से आधिकारिक कार्यों के तहत विदेश यात्रा, वाहनों की खरीद, नए पदों के सृजन और कार्यस्थलों को किराये पर लेने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया है।
वित्त विभाग की तरफ से जारी एक आदेश में सभी विभागों को तत्काल प्रभाव से इन मितव्ययिता उपायों को लागू करने का निर्देश दिया गया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, ‘‘सम्मेलनों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और इसी तरह के आयोजनों में बहुत ही कम खर्च किया जाना चाहिए। ऐसे आयोजन उसी समय किए जाने चाहिए जब इनकी बहुत अधिक जरूरत हों या फिर ‘वर्चुअल’ माध्यम के कोई विकल्प उपलब्ध न हों।’’
इस आदेश में केंद्रशासित प्रदेश के बाहर प्रदर्शनी, मेले, संगोष्ठी, सम्मेलनों और कार्यशालाओं का आयोजन करने से सख्ती से मना किया गया है, जबकि निजी होटल और व्यावसायिक स्थलों में बैठकों एवं सम्मेलनों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आदेश के अनुसार, ऐसे कार्यों के लिए सरकारी भवनों, सम्मेलन कक्षों और अन्य उपलब्ध सरकारी बुनियादी ढांचे का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
आदेश में कहा गया है कि वित्त विभाग की पूर्व अनुमति के बिना विदेशी यात्रा पर रोक रहेगी। देश के भीतर यात्रा के मामले में भी जरूरत होने पर सभी अधिकारियों को अपनी पात्रता की परवाह किए बिना केवल इकोनॉमी श्रेणी में यात्रा करनी होगी।
आदेश में ईंधन और ऊर्जा संरक्षण के तहत सरकारी वाहनों, जनरेटर, एयर कंडीशनर, प्रकाश व्यवस्था और अन्य ऊर्जा खपत करने वाले उपकरणों के अनावश्यक उपयोग से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा। नियमित पदों पर भर्ती केवल निर्धारित भर्ती एजेंसियों के माध्यम से और वित्त विभाग की सहमति से ही की जाएगी।
भाषा यासिर प्रेम
प्रेम