नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) जापानी कंपनी प्रोटेरियल आंध्र प्रदेश में भारत की पहली ‘अमॉर्फस’ धातु विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लगभग आठ करोड़ डॉलर (लगभग 720 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।
कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि यह कदम इस उत्पाद की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
‘अमॉर्फस’ धातु (मेटालिक ग्लास या तरल धातु) एक विशेष प्रकार की विद्युत ग्रेड इस्पात है, जिसका इस्तेमाल बिजली ट्रांसफॉर्मर में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से ट्रांसफॉर्मर की दक्षता लगभग 60 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
कंपनी के प्रतिनिधि निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शॉन एम. स्टैक ने कहा, ‘भारत में बिजली की मांग बढ़ रही है। अब तक हम अपने ग्राहकों को आपूर्ति कर रहे थे, लेकिन भारत में अवसर देखते हुए हम यहां अपनी फैक्टरी लगा रहे हैं।’
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित इकाई श्री सिटी में स्थापित की जाएगी। पहले चरण में इसका उत्पादन 30,000 टन होगा। परियोजना पूरी होने पर कंपनी की कुल अमॉर्फस धातु उत्पादन क्षमता एक लाख टन तक बढ़ जाएगी।
विनिर्माण कार्य पहले से ही शुरू है और उत्पादन चालू वर्ष के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य है।
प्रोटेरियल इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय सेठ ने कहा कि भारत में अमॉर्फस धातु की वार्षिक मांग लगभग 60,000-70,000 टन है और अभी यह पूरी तरह आयात के जरिए पूरी होती है।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश की यह इकाई कंपनी की तीसरी अमॉर्फस धातु विनिर्माण इकाई होगी, जबकि जापान और अमेरिका में दो इकाइयां पहले से काम कर रही हैं।
सेठ ने बताया कि यह परियोजना सरकार की विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) के तहत बनाई जा रही है।
भाषा योगेश रमण
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