जेएम फाइनेंशियल ने पीआईडीएफ पर चिंता को अपरिपक्व बताया, पेटीएम के लिए ‘खरीद’ की सलाह बरकरार

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जेएम फाइनेंशियल ने पीआईडीएफ पर चिंता को अपरिपक्व बताया, पेटीएम के लिए 'खरीद' की सलाह बरकरार

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 02:38 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 02:38 PM IST

नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भुगतान अवसंरचना विकास कोष (पीआईडीएफ) प्रोत्साहन की स्थिति को लेकर जताई जा रही चिंताएं बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई हैं और समय से पहले हैं।

एक निजी कंपनी द्वारा हाल ही में दाखिल किए गए आईपीओ के मसौदा पत्र (डीआरएचपी) में यह उल्लेख किए जाने के बाद कि पीआईडीएफ प्रोत्साहन का अभी नवीनीकरण नहीं हुआ है, पेटीएम (वन 97 कम्युनिकेशंस) के शेयरों में एक ही दिन में भारी गिरावट दर्ज की गई।

जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि हालांकि इस योजना का दिसंबर 2025 में नवीनीकरण होना था और इसे अभी विस्तार नहीं मिला है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से इसे बंद करने के लिए अभी तक कोई आधिकारिक सूचना भी नहीं आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी दस्तावेज में इस योजना के बंद होने का संकेत नहीं दिया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पेटीएम के शेयरों में आई 9.5 प्रतिशत की भारी गिरावट के मद्देनजर बाजार की यह प्रतिक्रिया जल्दबाजी में दी गई लगती है, जबकि ब्रोकरेज फर्म ने अपने अनुमानों में पहले ही इन प्रोत्साहनों के स्थायी रूप से बंद होने की संभावना को शामिल कर लिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, जेएम फाइनेंशियल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में शुद्ध राजस्व पर प्रभाव क्रमशः केवल 2.6 प्रतिशत और 2.2 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।

भाषा सुमित पाण्डेय

पाण्डेय