संविधान को अप्रासंगिक बनाने का चल रहा ‘षड्यंत्र, लोगों को करनी होगी रक्षा: सिद्धरमैया

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संविधान को अप्रासंगिक बनाने का चल रहा ‘षड्यंत्र, लोगों को करनी होगी रक्षा: सिद्धरमैया

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 03:41 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 03:41 PM IST

बेंगलुरु, 26 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता छीनकर संविधान को अप्रासंगिक बनाने के ‘षड्यंत्र’ के प्रति आगाह किया।

उन्होंने गणतंत्र दिवस पर लोगों से संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को संबोधित करते हुए यह बात कही।

सिद्धरमैया ने कहा, “संविधान का विरोध करने वाले सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक न्याय के विरोधी हैं। लोगों को यह समझना चाहिए कि वे उन कानूनों और कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं जो गरीबों, किसानों, श्रमिकों, दलितों और शोषितों के हित में हैं।”

उन्होंने अपने एक बयान में कहा, “जब बाबासाहब आंबेडकर ने देश के सामने संविधान प्रस्तुत किया था, तब भी इसके विरोध में लोग थे और आज भी संविधान में बदलाव और इसे निरस्त करने की आवाजें जगह-जगह सुनाई देती हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लेकिन जो लोग यह समझते हैं कि यह आसान काम नहीं है, वे इसे धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक ऐसी साजिश है जो धीरे-धीरे जहर घोल रही है। हमें संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता छीनकर संविधान को अप्रासंगिक बनाने की इस साजिश से सावधान रहना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “अगर हम संविधान की रक्षा करेंगे, तो संविधान हमारी रक्षा करेगा और देश सुरक्षित रहेगा। इस संदर्भ में, गणतंत्र दिवस पर हम सभी को संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।”

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश