नयी दिल्ली, मई (भाषा) ज्यूपिटर वैगन्स की अनुषंगी कंपनी ज्यूपिटर टाट्रावागोंका रेलव्हील फैक्टरी (जेटीआरडब्ल्यूएफ) ने रेल पहियों, एक्सल और व्हीलसेट की आपूर्ति को लेकर यूरोपीय रेल वैगन निर्माता टाट्रावागोंका ए.एस. के साथ एक निश्चित दीर्घकालिक समझौता किया है। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
कंपनी ने कहा कि यह समझौता 10 वर्षों के लिए है और व्यवसायिक आपूर्ति 2027 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
टाट्रावागोंका ए.एस. पूरे यूरोप और उससे बाहर के ग्राहकों के लिए मालवाहक वैगन का निर्माण तथा रखरखाव करती है। कंपनी सालाना लगभग 20,000 से 30,000 व्हीलसेट की खपत करती है।
ज्यूपिटर वैगन्स के प्रबंध निदेशक (एमडी) विवेक लोहिया ने कहा, ‘‘यह समझौता न केवल ज्यूपिटर टाट्रावागोंका रेलव्हील फैक्टरी के लिए, बल्कि भारत के रेल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।’’
उन्होंने कहा कि भारत अब तक व्हीलसेट का आयातक है और अब इस समझौते के माध्यम से दुनिया का एक प्रमुख निर्यातक बन जाएगा।
कंपनी के बयान के अनुसार, जेटीआरडब्ल्यूएफ का ओडिशा में स्थित नया संयंत्र इस मांग को पूरा करेगा।
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यासिर अजय
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