पैकटबंद खाद्य पदार्थों पर लेबल जरूरी, उपभोक्ताओं को जानकारी का अधिकार: ओर्कला इंडिया
पैकटबंद खाद्य पदार्थों पर लेबल जरूरी, उपभोक्ताओं को जानकारी का अधिकार: ओर्कला इंडिया
बेंगलुरु, 13 सितंबर (भाषा) प्रमुख पैकेटबंद खाद्य कंपनी ओर्कला इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय शर्मा ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर सामने की ओर लेबल लगाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को खरीदे जाने वाले उत्पादों की पोषण संबंधी जानकारी जानने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ने के साथ उन्हें अपने द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य उत्पादों के बारे में अधिक जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे सोच-समझकर निर्णय ले सकें।
शर्मा ने बताया कि खाद्य उद्योग इस दिशा में एफएसएसएआई की पहल के साथ है।
उन्होंने कहा कि उद्योग के लिए लेबल लगाने का सिद्धांत विवाद का विषय नहीं है, बल्कि प्रस्तावित लेबल का प्रारूप और उसे लागू करने का तरीका महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस संबंध में उद्योग ने एफएसएसएआई के समक्ष कई सुझाव और प्रस्तुतियां दी हैं।
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पैकबंद खाद्य पदार्थों पर चरणबद्ध तरीके से सामने की ओर पोषण लेबल लगाने का प्रस्ताव रखने वाले एफएसएसएआई से चिंता वाले पोषक तत्वों, वसा, चीनी और नमक से संबंधित प्रस्तावित लेबल पर और स्पष्टीकरण देने को कहा था।
शर्मा ने कहा कि यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में लंबित है और एफएसएसएआई अपनी सिफारिशें दे चुका है।
उन्होंने कहा कि वह शीर्ष अदालत के अंतिम निर्णय को लेकर अनुमान नहीं लगाना चाहते।
हालांकि, शर्मा ने कहा कि इस तरह के नियमन के लिए एफएसएसएआई की सामान्य नियामकीय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
ओर्कला इंडिया के सीईओ ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले मसौदा जारी किया जाना चाहिए, फिर उद्योग, उपभोक्ता संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए तथा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को भी इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद इसे कानून के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए।
भाषा योगेश अजय
अजय

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