ईएमआई योजना के तहत 1,000 से कम कारोबारी जुड़े, जागरूकता अभियान चलाएगा सीबीआईसी

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ईएमआई योजना के तहत 1,000 से कम कारोबारी जुड़े, जागरूकता अभियान चलाएगा सीबीआईसी

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 12:41 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 12:41 PM IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) एमएसएमई को पात्र विनिर्माता आयातक (ईएमआई) योजना अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा और उन्हें हरसंभव मदद देगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एक अप्रैल को योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1,000 से कम कारोबारी इसके तहत शामिल हुए हैं। ऐसे में सीबीआईसी ने 15 सितंबर से योजना में पंजीकरण कराने वाले कारोबारियों के लिए आंकड़ों और दस्तावेजों की जरूरत को ‘‘काफी कम’’ कर दिया है।

ईएमआई योजना का उद्देश्य कारोबार सुगमता बढ़ाना, अनुपालन संस्कृति को मजबूत करना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यह योजना उस तरह आगे नहीं बढ़ी है, जैसा हमने सोचा था। हम योजना के फायदों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे और दस्तावेजीकरण को सरल किए जाने के बाद हमें उम्मीद है कि ईएमआई योजना को अधिक स्वीकार्यता मिलेगी।’’

वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में भरोसेमंद विनिर्माताओं के लिए एक नई सुविधा शुरू की गई थी। इसके तहत पात्र विनिर्माता आयातक (ईएमआई) नामक आयातकों की एक नई श्रेणी को सीमा शुल्क के स्थगित भुगतान की सुविधा दी गई।

इसके तहत ईएमआई को आयातित माल का सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना माल जारी कराने की अनुमति होगी। इसके बजाय लागू शुल्क का भुगतान 2016 के आयात शुल्क के स्थगित भुगतान नियमों के तहत निर्धारित तरीके से मासिक आधार पर किया जा सकेगा। इससे विनिर्माताओं को नकदी प्रवाह और कार्यशील पूंजी का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। यह सुविधा एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2028 तक उपलब्ध है।

सीबीआईसी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उसे व्यापार जगत से ईएमआई योजना के तहत आवेदन दाखिल करने के लिए निर्धारित आंकड़ों और दस्तावेजों की जरूरत को तर्कसंगत बनाने का अनुरोध मिला है।

इसके बाद सीबीआईसी ने परिपत्र जारी कर कहा कि संशोधित आवेदन प्रारूप में आवेदक द्वारा साझा (अपलोड) किए जाने वाले दस्तावेजों की संख्या 10 से घटाकर तीन कर दी गई है।

इसके अलावा, आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जमा किए जाने वाले आंकड़ों की सूची भी छोटी कर दी गई है।

सीबीआईसी ने कहा, ‘‘इन बदलावों के साथ संभावित ईएमआई आवेदक के लिए आंकड़ों और दस्तावेजों से जुड़ी जरूरत काफी कम हो गई है। साथ ही, उपयुक्त ‘बैकएंड’ आईटी प्रणालियों के जरिये संबंधित विवरणों के सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।’’

सीबीआईसी ने कहा कि 15 सितंबर से पात्र आयातक संशोधित दस्तावेजी जरूरतों के साथ योजना के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ईएमआई योजना का उद्देश्य कारोबार सुगमता में सुधार, अनुपालन संस्कृति को मजबूत करना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा