हांगकांग, 16 सितंबर (एपी) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से विकास के संभावित जोखिमों पर दुनिया में बहस तेज होने के बीच अमेरिका और चीन अधिक शक्तिशाली एआई मॉडल विकसित करने की दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं।
अमेरिका कई वर्षों तक एआई मॉडल की क्षमता, शोध और अन्य क्षेत्रों में चीन सहित अन्य देशों से आगे रहा है। हालांकि, चीन अब तेजी से इस अंतर को कम कर रहा है। अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिबंधों के कारण चीन को अत्याधुनिक चिप और उन्हें बनाने वाली मशीनों सहित कुछ उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच नहीं है।
स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एक जानकार सहित विशेषज्ञों और हालिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन एआई के क्षेत्र में अमेरिका के लिए मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरा है और इस साल उसने अमेरिकी बढ़त को काफी हद तक कम कर दिया है।
जॉन्स हॉपकिन्स स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज के सैम सैक्स ने कहा, ‘‘अमेरिकी और चीनी मॉडलों के बीच अंतर कम और अस्थिर है।’’
एआई को लेकर यह बहस ऐसे समय हो रही है जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के इस महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए वाशिंगटन आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और चीन क्या कदम उठाते हैं और किन कदमों से बचते हैं।
बीजिंग स्थित स्टार्टअप मूनशॉट एआई ने ‘किमी के3’ मॉडल जारी कर सिलिकॉन वैली का ध्यान आकर्षित किया। एआई बेंचमार्किंग मंच ‘आर्टिफिशियल एनालिसिस’ के अनुसार, जुलाई में जारी होने के कुछ समय बाद यह वैश्विक स्तर पर मॉडल की क्षमता के मामले में तीसरे स्थान पर था। हालांकि, अब यह नौवें स्थान पर है और एंथ्रोपिक, ओपनएआई, मेटा तथा स्पेसएक्सएआई के नए मॉडलों से पीछे है।
डीपसीक ने जनवरी 2025 में अपना ‘आर1’ मॉडल जारी कर वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी थी। यह समान अमेरिकी मॉडलों की तुलना में कम लागत वाला था। अप्रैल में कंपनी ने अपने ‘वी4’ मॉडल का पूर्वावलोकन किया और ज्ञान, तर्क क्षमता तथा सीमित मानवीय मार्गदर्शन में जटिल कामों की योजना बनाकर उन्हें पूरा करने की क्षमता में सुधार का दावा किया।
चीनी स्टार्टअप जेड.एआई के ‘जीएलएम-5.2’ मॉडल ने जून में सिलिकॉन वैली में ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद अगस्त में जारी ‘जीएलएम-5.3’ में कोडिंग और स्वायत्त रूप से कार्य करने की क्षमता में सुधार किया गया, जिससे इसकी वैश्विक रैंकिंग में बढ़ोतरी हुई।
अलीबाबा ने जुलाई में ‘क्यूवेन3.8-मैक्स’ मॉडल का पूर्वावलोकन किया। कंपनी ने इसे शृंखला का अपना सबसे शक्तिशाली मॉडल बताया।
चीन के सुरक्षा राज्य मंत्री चेन यीशिन ने चेतावनी दी है कि एआई देश की राजनीतिक और वैचारिक सुरक्षा के साथ-साथ साइबर हमलों, डेटा लीक और शासन व्यवस्था के लिए कई तरह के खतरे पैदा कर सकता है।
रविवार को प्रकाशित एक लेख में चेन ने कहा कि ‘‘शत्रुतापूर्ण ताकतों और गलत मंशा वाले व्यक्तियों’’ द्वारा इस्तेमाल किए जाने पर एआई चीन की राजनीतिक, संस्थागत और वैचारिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने कहा कि एआई से तैयार नकली ऑडियो और वीडियो का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर ‘‘राजनीतिक अफवाहें’’ फैलाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने एंथ्रोपिक के क्लॉड और ओपनएआई के जीपीटी जैसे मॉडलों का उदाहरण देते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल साइबर सुरक्षा की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
चीनी नेताओं ने एआई के विकास में तेजी लाने और तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने की जरूरत पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने जोखिमों पर नियंत्रण और एआई के वैश्विक नियमन के लिए एक ढांचा बनाने की आवश्यकता भी बताई है।
अमेरिका ने चीन की एआई कंपनियों पर ‘‘औद्योगिक स्तर पर डिस्टिलेशन’’ का आरोप लगाया है। इसमें अपेक्षाकृत शक्तिशाली एआई मॉडलों की क्षमताओं की नकल या उन्हें दोहराने के लिए उनका इस्तेमाल करना शामिल है।
एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की लिजी ली के अनुसार, डिस्टिलेशन एआई उद्योग में इस्तेमाल होने वाली सामान्य तकनीक है। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों ने विशेष रूप से आरोप लगाया है कि चीनी कंपनियों ने अमेरिकी अग्रणी मॉडलों की प्रतिबंधित क्षमताएं हासिल करने के लिए अनधिकृत पहुंच और अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया।
एफबीआई, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और साइबर सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचा सुरक्षा एजेंसी ने आठ सितंबर को जारी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि चीनी एआई डेवलपर्स ने ‘‘आक्रामक, दुर्भावनापूर्ण और लक्षित डिस्टिलेशन गतिविधियों’’ के जरिये अमेरिका के कुछ सबसे उन्नत एआई मॉडलों की क्षमताएं हासिल कीं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी आठ सितंबर को एक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘चीनी हमारे मॉडलों से डिस्टिल करते हैं और वे हमसे कभी आगे नहीं निकल सकते।’’
चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि डिस्टिलेशन का इस्तेमाल कई एआई कंपनियां करती हैं। उसने अमेरिका से ‘‘बेबुनियाद आरोप’’ लगाने से बचने को कहा और उस पर ‘‘एआई उद्योग पर एकाधिकार’’ कायम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
एपी
मनीषा वैभव
वैभव