पिछले पांच साल में पुरानी कारों के लिए कर्ज वृद्धि ने नए वाहन ऋण को पीछे छोड़ा

पिछले पांच साल में पुरानी कारों के लिए कर्ज वृद्धि ने नए वाहन ऋण को पीछे छोड़ा

पिछले पांच साल में पुरानी कारों के लिए कर्ज वृद्धि ने नए वाहन ऋण को पीछे छोड़ा
Modified Date: August 19, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: August 19, 2026 9:57 pm IST

मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) पिछले पांच साल में पुरानी कारों के लिए कर्ज में वृद्धि नए वाहन ऋण के मुकाबले तेज रही है। हालांकि, इसका तुलनात्मक आधार छोटा था। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

क्रेडिट सूचना कंपनी क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट के अनुसार, अधिक संख्या में भारतीयों ने अपनी खरीदारी के लिए वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने को तरजीह दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी कारों के वित्तपोषण का बकाया इस वर्ष जून में बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो जून, 2021 में करीब 40,000 करोड़ रुपये था। इस दौरान इसमें संचयी रूप से 26.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर रही।

इसके मुकाबले, नए वाहन ऋण का बकाया इस साल जून में बढ़कर 9.9 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि जून, 2021 में यह 4.4 लाख करोड़ रुपये था। इसमें पिछले पांच वर्षों में संचयी रूप से 17.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

क्रिफ हाई मार्क ने कहा कि वित्तीय संस्थानों ने पुरानी कारों के क्षेत्र में अधिक दबाव के बावजूद कर्ज देना जारी रखा है। पुरानी कारों के कर्ज में 31 से 90 दिन तक बकाया रहने वाले ऋणों का अनुपात बढ़कर 3.1 प्रतिशत हो गया, जबकि वाहन ऋण में यह केवल 2.1 प्रतिशत रहा।

वहीं, 91 से 180 दिन तक बकाया रहने वाले ऋणों के मामले में पुरानी कारों के कर्ज का अनुपात अपेक्षाकृत बेहतर एक प्रतिशत रहा, जबकि वाहन ऋण में यह और अच्छा 0.6 प्रतिशत था।

रिपोर्ट में कहा गया कि कर्ज के बोझ के लिहाज से वाहन ऋण और पुरानी कारों के ऋण, दोनों में दो से अधिक कर्ज लेने वालों की संख्या लगभग समान है। हालांकि, पुरानी कार ऋण श्रेणी में व्यक्तिगत ऋण, टिकाऊ उपभोक्ता सामान ऋण और क्रेडिट कार्ड ऋण जैसे बिना गारंटी वाले उपभोक्ता कर्ज लेने वाले ग्राहकों का अनुपात अधिक है। यह अनुपात पुरानी कार ऋण में 9.2 प्रतिशत है, जबकि वाहन ऋण में 6.4 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में कहा गया कि दोपहिया और वाणिज्यिक वाहन वित्तपोषण को शामिल करने वाले ‘व्हील्स फाइनेंस’ क्षेत्र में कुल मिलाकर परिसंपत्ति गुणवत्ता स्थिर रही है।

वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में भी पिछले पांच वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इस खंड में बकाया 20.1 प्रतिशत संचयी वृद्धि के साथ 7.4 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पहले तीन लाख करोड़ रुपये था।

भाषा रमण अजय

अजय


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