लक्सन ने भारत की आर्थिक प्रगति को सराहा, दोनों देशों के कारोबारियों से साझेदारी बढ़ाने को कहा

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लक्सन ने भारत की आर्थिक प्रगति को सराहा, दोनों देशों के कारोबारियों से साझेदारी बढ़ाने को कहा

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 07:03 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 07:03 PM IST

ऑकलैंड, 11 जुलाई (भाषा) न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को भारत की तेज आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए दोनों देशों के कारोबारियों से नए बाजारों और व्यापार अवसरों के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का अनुरोध किया।

लक्सन ने ‘भारत-न्यूजीलैंड: एक सफल साझेदारी’ विषय पर यहां आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। इसमें न्यूजीलैंड की दो-दिवसीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लंबे समय से भारत के बड़े प्रशंसक रहे हैं।

उन्होंने चुनिंदा कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं पहली बार 20 वर्ष की उम्र के मध्य में भारत गया था। उस समय मैं यूनिलीवर में काम करता था, जिसकी भारतीय इकाई हिंदुस्तान यूनिलीवर भारत की शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल थी।’

लक्सन ने कहा कि वह 1990 के दशक में भारत गए थे, जब श्रमिकों को उनकी दैनिक मजदूरी सिक्कों में दी जाती थी।

उन्होंने इसे अद्भुत बदलाव बताते हुए कहा, ‘मेरे लिए यह बेहद दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। आज भारत में 44 करोड़ लोग मध्यम वर्ग का हिस्सा हैं और दशक के अंत तक यह संख्या लगभग 75 करोड़ हो जाने की उम्मीद है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं कई बार भारत गया हूं और कम-आय से मध्यम-आय और फिर उच्च-आय वाली अर्थव्यवस्था की ओर भारत को बढ़ते देखा है। यह बदलाव बेहद प्रेरणादायक और उत्साहजनक है। जैसे-जैसे भारत की 140 करोड़ आबादी अधिक समृद्ध हो रही है, वैसे-वैसे इसकी संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।’

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर जोर देते हुए लक्सन ने कहा कि खाद्य एवं कृषि उत्पाद, पर्यटन, शिक्षा और प्रौद्योगिकी ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां दोनों देश आपसी सहयोग को और मजबूत कर सकते हैं।

उन्होंने ऑस्ट्रियाई न्यूरोलाजिस्ट और मनोचिकित्सक विक्टर फ्रैंकल की एक पुस्तक को उद्धृत करते हुए कहा कि किसी भी समाज में सरकार, उद्योगपति और सामुदायिक नेतृत्व तीन प्रमुख स्तंभ होते हैं।

उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच मौजूद व्यापक अवसरों का लाभ उठाने के लिए इन तीनों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

लक्सन ने कारोबारियों से कहा, ‘मैं आप सभी को प्रोत्साहित करता हूं कि भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल सरकारों की नहीं, बल्कि आप सबकी भी है। हम आपको शुभकामनाएं देते हैं कि आप मिलकर नए बाजारों और व्यापार के नए अवसरों का सृजन करें।’

उन्होंने न्यूजीलैंड के कारोबारियों को भारत की यात्रा करने और यहां के उपभोक्ताओं को समझने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने भारतीय उपभोक्ताओं को दुनिया का सबसे जागरूक और गुणवत्ता के प्रति सबसे अधिक सजग उपभोक्ता बताया।

उन्होंने न्यूजीलैंड के कारोबारियों से भारत आने और यहां के उपभोक्ताओं की जरूरतों तथा पसंद को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारतीय उपभोक्ता दुनिया के सबसे अधिक समझदार और गुणवत्ता के प्रति सजग उपभोक्ताओं में हैं।

उन्होंने कहा, “बाजारों को समझें, सही साझेदारों की तलाश करें और अपने उत्पादों तथा सेवाओं को इस तरह तैयार करें कि भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों में नए अवसर पैदा किए जा सकें।”

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के कारोबारी दिग्गजों से भारत की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने का आग्रह किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्य, विविधता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता महत्वाकांक्षी एवं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने वाली आर्थिक साझेदारी के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का भी उल्लेख किया, जिस पर इस साल अप्रैल में हस्ताक्षर किए गए थे।

उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत तथा गतिशील बनाएगा। साथ ही, इससे बाजार तक पहुंच, निवेश और कुशल प्रतिभाओं की आवाजाही के लिए नए अवसर खुलेंगे।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम