मप्र मंत्रिमंडल ने बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने को 41,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी

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मप्र मंत्रिमंडल ने बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने को 41,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 08:19 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 08:19 PM IST

भोपाल, एक सितंबर (भाषा) मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्याणकारी निर्णयों को स्वीकृति प्रदान की गई।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के लिए के 29,619 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

एक अधिकारी ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में अनुमानित लागत रुपये 3,183 करोड़ रूपये तथा 2026-27 से 2030-31 तक योजना की निरंतरता के लिए कुल अनुमानित लागत 26,436 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 के अनुपात में होगा, जिसमें राज्यांश 10 हजार 574 करोड़ रुपये होगा। इन पांच वर्षों में प्रशासनिक व्यय के लिए 946 करोड़ रुपये का व्यय होगा, जो राज्य शासन वहन करेगा।

अधिकारी ने बताया कि निर्णय अनुसार, नई योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्त वर्ष में अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन के श्रमजन्य रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि रोजगार के दिनों में की गई यह वृद्धि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

अधिकारी ने बताया कि नई योजना का मुख्य आधार ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण बुनियादी ढांचे को तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक ग्राम पंचायत जी आई एस आधारित तकनीक, ‘पीएम गति शक्ति’ लेयर्स और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ तैयार करेगी।

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक’ में समेकित किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में प्राप्त होने वाले वित्तीय आवंटन को पारदर्शी और आवश्यकता-आधारित बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को विकास मानदंडों के आधार पर क, ख, ग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि योजना में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और प्रत्येक छह माह में सामाजिक अंकेक्षण को अनिवार्य किया गया है। साथ ही त्वरित शिकायत निवारण के लिए प्रत्येक जिले में एक ‘लोकपाल’ की नियुक्ति की जाएगी, जो डिजिटल मंच के माध्यम से शिकायतों का निराकरण करेंगे।

अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने अंतरिम व्यवस्था के तहत नई परिषद के पूर्ण गठन/पंजीकरण तक वर्तमान ‘मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद’ को ही इस नई योजना के समस्त दायित्वों के निर्वहन के लिए अधिकृत किया है।

मंत्रिमंडल ने दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए 2,973 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी।

अधिकारी ने बताया कि डेयरी विकास योजना के माध्यम से आगामी पांच वर्ष में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 ग्रामों से बढ़ाकर 26,000 ग्रामों तक किया जाएगा।

प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए मंत्रिमंडल ने पश्चिम भोपाल बाइपास 4-लेन निर्माण के लिए 3,774 करोड़ रुपये और मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथोन मार्ग के लिए तीन हजार 272 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन और गुणवत्ता विस्तार की दिशा में मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का पुनर्गठन कर भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है।

इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा उपकरणों और विभागीय परिसंपत्तियों के लिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की।

बैठक में किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए पंजीकृत कृषकों से ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज की उपार्जन सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के निर्णय लिया गया गया।

मंत्रिमंडल में साथ ही नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सामाजिक न्याय और आयुष विभागों में नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

भाषा ब्रजेन्द्र रवि कांत अजय

अजय