लखनऊ, एक सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ख’ के अधिकारियों की नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवचयनित 40 अधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि लंबे अंतराल के बाद हुई इस भर्ती से बोर्ड की कार्यक्षमता मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को नयी गति मिलेगी।
आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य सरकारी सेवाओं में ऐसी चयन व्यवस्था को मजबूत करना है, जिसमें पारदर्शिता के साथ योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में लागू की गई नयी भर्ती प्रक्रिया इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बयान के अनुसार, आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी सीधे प्रदेश के पर्यावरण और लोगों के स्वस्थ जीवन से जुड़ी है। ऐसे में नवचयनित अधिकारी अपनी तकनीकी दक्षता का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ करें।
उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा विभागीय कार्यप्रणाली के साथ-साथ मैदानी स्तर की चुनौतियों को समझने के निर्देश दिए।
बयान के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ख’ के 26 सहायक पर्यावरण अभियंता और 14 सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, यानी कुल 40 अधिकारियों का चयन किया गया है। इनमें 21 अधिकारी विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) से शिक्षित हैं, जबकि अन्य ने देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। चयनित अधिकारियों में आठ महिलाएं भी शामिल हैं।
बयान के अनुसार, इस भर्ती की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री के निर्देश और तय सिद्धांतों के अनुरूप चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया। पहले बोर्ड में समूह ‘ख’ के अधिकारियों की भर्ती मुख्य रूप से साक्षात्कार के आधार पर की जाती थी।
वर्ष 1995 की पुरानी विनियमावली में संशोधन कर चयन प्रक्रिया को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार पर आधारित दो-स्तरीय व्यवस्था में बदला गया। नयी व्यवस्था में लिखित परीक्षा को 85 प्रतिशत और साक्षात्कार को 15 प्रतिशत वेटेज दिया गया, जिससे शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता को चयन का प्रमुख आधार बनाया गया।
संशोधित विनियमावली के बाद 27 फरवरी 2026 को 26 सहायक पर्यावरण अभियंता और 14 सहायक वैज्ञानिक अधिकारी के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया।
प्रदेश के विभिन्न शहरों में 27 अप्रैल को एक साथ लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसका आयोजन आईआईटी-कानपुर के माध्यम से कराया गया। लिखित परीक्षा का परिणाम आठ जून को घोषित किया गया।
इसके बाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में चार साक्षात्कार पैनल गठित किए गए। इन पैनलों में विभिन्न आईआईटी और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया। साक्षात्कार चार जुलाई को पूरा हुआ और आठ जुलाई को अंतिम परिणाम घोषित किया गया।
इस बार नवचयनित अधिकारियों को सीधे क्षेत्र में तैनाती देने के बजाय उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार अधिकारियों के लिए एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण के तहत एक सप्ताह का कार्यक्रम भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों की नियमित भर्ती और उन्हें प्रशिक्षण देने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी व्यवस्था, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा मैदानी कार्यों की प्रभावशीलता में सुधार होगा।
भाषा
आनन्द रवि कांत