कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

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कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 07:53 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 07:53 PM IST

कौशांबी, एक सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के मुख्य आरोपी और फैक्टरी मालिक नौशाद को मंगलवार तड़के पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

वहीं, घटना के बाद फरार चल रहे तीन आरोपियों-शकील, आदिल और कहकशां बेगम-पर पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

पुलिस के अनुसार, सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में हुए जबरदस्त विस्फोट में आठ बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी।

चायल के क्षेत्राधिकारी शिवांक सिंह ने बताया कि विस्फोट के संबंध में पिपरी थाने में दर्ज प्राथमिकी में नौशाद, उसके बेटे आदिल, पत्नी कहकशां बानो, भाई शकील, भाभी शबाना और भतीजी साइना समेत छह लोगों को नामजद किया गया है।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीम गठित की गई थीं, जो विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही थीं।

क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, मंगलवार तड़के करीब चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि नौशाद चरवा थाना क्षेत्र में तेरह मील के पास मौजूद है और कहीं भागने की फिराक में है। इसके बाद चरवा पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे घेर लिया।

पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर नौशाद ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में नौशाद और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि शबाना और साइना को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि शकील, आदिल और कहकशां बानो फरार हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में नौशाद ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ अवैध रूप से पटाखे और अन्य विस्फोटक सामग्री तैयार कर उन्हें आर्थिक लाभ के लिए फैक्टरी में रखता था। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी मनौरी कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर विकसित हो रही आवासीय बस्ती के बीच स्थित थी। इसके आसपास आठ-दस मकान बने हुए थे।

पुलिस ने बताया कि नौशाद के पास कई वर्ष पहले जारी किया गया पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस था, लेकिन आठ अक्टूबर 2024 को निरीक्षण के दौरान उसके गोदाम से करीब 1,200 किलोग्राम बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी।

इस मामले में पिपरी थाने में नौशाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 तथा विस्फोटक अधिनियम की धाराओं चार और पांच के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया था।

पुलिस का आरोप है कि इसके बावजूद नौशाद ने अवैध रूप से फैक्टरी का संचालन जारी रखा।

जिलाधिकारी अमित पाल ने बताया कि प्रशासन ने सोमवार रात फैक्टरी को ध्वस्त करने का आदेश दिया। रात करीब नौ बजे उत्खनन मशीनों की मदद से फैक्टरी का ढांचा ढहा दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में पिपरी थाने में वर्तमान और पूर्व में तैनात रहे एक निरीक्षक, छह उप निरीक्षक और दो कांस्टेबलों को मंगलवार को निलंबित किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिपरी के तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक शिवचरण राम, निवर्तमान थाना प्रभारी उप निरीक्षक विकास सिंह तथा उप निरीक्षक विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी को निलंबित किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा पिपरी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार को भी निलंबित किया गया है।

पुलिस के अनुसार, पटाखा फैक्टरी के बगल में स्थित बूंदी के कारखाने में काम करने वाला 35 वर्षीय मजदूर सुनील विस्फोट के बाद से लापता था।

सुनील के पिता सरजू दास ने बताया कि उनके बेटे का एक पैर बरामद हुआ है, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों का पता नहीं चल पाया है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटनास्थल से सुनील के शरीर के अवशेष मिले हैं, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया परिजनों ने इन अवशेषों की पहचान सुनील के रूप में की है और डीएनए नमूने की प्रक्रिया भी की जा रही है।

जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान ने सोमवार देर शाम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, चायल विधायक पूजा पाल और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया।

उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

भाषा

सं, जफर, आनन्द रवि कांत