मुंबई, तीन जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शुक्रवार को मिलावट रोकने और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए पूरी दूध आपूर्ति श्रृंखला के लिए नियमों के पालन का आदेश जारी किया। साथ ही चेतावनी दी कि मिलावट, झूठे दावे और गैर-कानूनी कामकाज जैसे नियमों के उल्लंघन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग ने पूरे दूध और दूध से बने उत्पादों के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ये आदेश जारी किए हैं। इसके लिए कई मौजूदा नियमों को एक साथ मिलाकर दिशानिर्देश का एक सेट बनाया गया है ताकि पूरे क्षेत्र में इन्हें एक समान तरीके से लागू किया जा सके।
मुंडे ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘इससे पहले होटलों के लिए नियमों के पालन के आदेश जारी किए गए थे। उसी तरह, अब हमने दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए आदेश जारी किए हैं। खेत से लेकर टेबल तक की पूरी श्रृंखला पर लागू होने वाले नियमों के अनुपालन को दिशानिर्देश में शामिल किया गया है। इनका मकसद किसी संस्थान को बंद करना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। ये आदेश आज जारी किए गए हैं।’’
उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण या लाइसेंस के काम करना, गुमराह करने वाले विज्ञापन, झूठे दावे करना और दूध में मिलावट जैसे अपराधों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। उन्होंने कहा कि एफडीए लोगों को डराने और नियमों का पालन करवाने के लिए ज्यादा से ज्यादा जुर्माना लगाएगा।
आतिथ्य क्षेत्र के खिलाफ पहले की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एफडीए ने पाया है कि कुछ होटल और खाने-पीने की जगहों ने विभाग को गुमराह करने के लिए नकली पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र जमा किए थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी जगहों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
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