वस्तु निर्यात दूसरी तिमाही में 17.6 प्रतिशत बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान: एक्जिम बैंक

वस्तु निर्यात दूसरी तिमाही में 17.6 प्रतिशत बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान: एक्जिम बैंक

वस्तु निर्यात दूसरी तिमाही में 17.6 प्रतिशत बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान: एक्जिम बैंक
Modified Date: August 12, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: August 12, 2026 7:15 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) देश का कुल वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 17.6 प्रतिशत बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रह सकता है। भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्जिम बैंक) ने बुधवार को यह अनुमान जारी किया।

बैंक के बयान के अनुसार, आलोच्य अवधि में गैर-तेल निर्यात 20.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 113.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। वहीं, गैर-तेल और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 20.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 105.8 अरब डॉलर रहने की संभावना है।

देश का वस्तु निर्यात इस साल जून महीने में 15.5 प्रतिशत बढ़कर 40.41 अरब डॉलर रहा था। जबकि अप्रैल-जून तिमाही में यह 15.92 प्रतिशत बढ़कर 129.32 अरब डॉलर था।

इंडिया एक्जिम बैंक ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ने की संभावना है। इसका कारण निर्यात बाजारों का भौगोलिक विस्तार और प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के साथ हाल में हुए व्यापार समझौतों से मिलने वाले सकारात्मक अवसर हैं। इसके अलावा, साझेदार देशों में मजबूत मांग से भी निर्यात को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

भारत के निर्यात परिदृश्य में सकारात्मक रुख को घरेलू विनिर्माण क्षेत्र के लगातार विस्तार और विनिमय दरों में बदलाव से समर्थन मिलने की संभावना है। हालांकि, भू-राजनीतिक संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों में उतार-चढ़ाव से निर्यात वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का जोखिम बना हुआ है।

इंडिया एक्जिम बैंक निर्यात वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने वाले सूचकांक (ईएलआई) मॉडल के आधार पर हर तिमाही भारत के कुल वस्तु निर्यात, गैर-तेल निर्यात और गैर-तेल एवं गैर-रत्न-आभूषण निर्यात की वृद्धि का अनुमान जारी करता है। ये अनुमान मई, अगस्त, नवंबर और फरवरी के पहले पखवाड़े में जारी किए जाते हैं।

बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2026) के लिए निर्यात वृद्धि का अगला अनुमान नवंबर, 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किया जाएगा।

ईएलआई मॉडल में किए गए सुधारों और पूर्वानुमान परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति ने की है। इस समिति में भारतीय रिजर्व बैंक के आर्थिक एवं नीति अनुसंधान विभाग के सलाहकार डॉ. सत्यानंद साहू, जादवपुर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, मद्रास स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स के निदेशक प्रोफेसर एन. आर. भानुमूर्ति और तिरुवनंतपुरम स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज के निदेशक प्रोफेसर सी. वीरामणि शामिल हैं।

बैंक ने कहा कि निर्यात की दिशा और वृद्धि का अनुमान लगाने के लिए उसने आंतरिक स्तर पर ईएलआई मॉडल विकसित किया है। यह सूचकांक घरेलू और बाहरी कई कारकों के आधार पर देश के निर्यात की तिमाही गतिविधियों का आकलन करता है और भविष्य के रुझान का संकेत देता है।

भाषा

रमण प्रेम अजय

अजय


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