नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) सीमा शुल्क विभाग ने पश्चिम एशिया संकट के कारण समुद्री मार्गों में आए व्यवधान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बीच भारतीय बंदरगाहों पर लौटने वाली निर्यात खेप के प्रबंधन के लिए नियम जारी किए हैं।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा आठ मार्च को जारी किए गए और 15 दिन के लिए वैध ये नियम यह निर्धारित करते हैं कि माल के पारगमन के अलावा ऐसे सभी मामलों में जहाज को केवल उसी भारतीय बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति दी जाएगी जहां से उसने प्रस्थान किया था।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के परिपत्र के अनुसार, बोर्ड के अधीन क्षेत्रीय कार्यालय ऐसी खेप पर दिए गए ‘एकीकृत माल एवं सेवा कर’ (आईजीएसटी), ‘शुल्क वापसी’ आदि सहित सभी निर्यात प्रोत्साहनों की स्वयं वसूली करेंगे यदि उनका भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
सीबीआईसी ने कहा कि उसे क्षेत्रीय कार्यालयों से ऐसे प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं जो संकेत देते हैं कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और उसके परिणामस्वरूप समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण भारत से निर्यात कार्गो ले जाने वाले कुछ जहाज अपने गंतव्य बंदरगाहों तक पहुंचने में असमर्थ हैं और भारतीय बंदरगाहों पर लौट रहे हैं। ऐसी खेप के प्रबंधन के लिए एक सरलीकृत प्रक्रिया निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है।
वर्तमान परिस्थितियों को अंतरराष्ट्रीय पोत परिवहन मार्गों और निर्यात लॉजिस्टिक को प्रभावित करने वाली एक असाधारण स्थिति बताते हुए, सीबीआईसी ने इस समस्या के समाधान और कारोबार को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं।
गत 28 फरवरी को, अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे, जिसने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ इजरायल पर हमलों के साथ जवाबी कार्रवाई की। तब से पश्चिम एशिया में संकट गहरा गया है और व्यापार प्रभावित हो रहा है।
सीबीआईसी ने इन विशेष परिस्थितियों के समाधान के लिए तीन श्रेणियों में प्रक्रिया निर्धारित की है।
भाषा सुमित अजय
अजय