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मुंबई, 25 मई (भाषा) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 11 दिन के भीतर चौथी बढ़ोतरी के कुछ घंटे बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट केवल वैश्विक मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे आम लोगों के लिए ईंधन महंगा होगा।
यहां भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर एक लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा, “पश्चिम एशिया संकट केवल कूटनीतिक या भू-राजनीतिक मुद्दा नहीं है। कारोबार और आम लोगों के लिए इसका मतलब ईंधन की ऊंची लागत, माल ढुलाई में देरी, महंगी शिपिंग, कच्चे माल की कमी, कार्यशील पूंजी पर दबाव और निर्यात ऑर्डर को लेकर अनिश्चितता हो सकता है।’
सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद 15 मई से अब तक कुल बढ़ोतरी करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।
भाषा योगेश अजय
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