नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को किसानों से बड़े पैमाने पर रसायन-मुक्त खेती अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि दुनियाभर में ऐसे कृषि उत्पादों की मांग बढ़ रही है और इससे किसानों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचने के अवसर बढ़ेंगे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा को तेज करने के लिए सात सूत्रीय सुधार रूपरेखा ‘सप्त धारा’ पेश की। इसमें विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य उत्पादन तथा प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, लॉजिस्टिक, रक्षा, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था (समुद्री अर्थव्यवस्था) तथा सॉफ्ट पावर पर जोर दिया गया है।
‘सप्त धारा’ में से एक धारा कृषि और खाद्य उत्पादन से संबंधित है। मोदी ने कहा, ‘‘हमें खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में भी आगे बढ़ना होगा। हमारे किसानों के लिए अब वैश्विक बाजार उपलब्ध हैं। मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के कारण हमें बहुत बड़े बाजार तक पहुंच मिल रही है और हमें उन बाजारों तक पहुंचना होगा। हमें इस अवसर का लाभ उठाना होगा। हमें खेत से निर्यात बाजार तक पहुंचना है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पारंपरिक व्यंजनों, मोटे अनाज, मसालों, फलों और फूलों से समृद्ध है और इन्हें दुनिया के सामने पेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक ब्रांड बनाया जाना चाहिए।
मोदी ने कहा, ‘‘हमारे किसानों को रसायन-मुक्त खेती को और बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि दुनियाभर में ऐसे उत्पादों की मांग बढ़ने वाली है। यदि हमारे कृषि उत्पाद हर लिहाज से वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं, तो हम आसानी से दुनिया के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।’’
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय