‘पीएम सूर्य घर’ योजना के तहत अबतक 50 लाख से अधिक रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित

'पीएम सूर्य घर' योजना के तहत अबतक 50 लाख से अधिक रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित

‘पीएम सूर्य घर’ योजना के तहत अबतक 50 लाख से अधिक रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित
Modified Date: August 4, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: August 4, 2026 4:27 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत देशभर में 50.06 लाख से अधिक घरों में छतों पर (रूफटॉप) सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि योजना की शुरुआत के दो वर्ष से कुछ अधिक समय में यह उपलब्धि हासिल की गई है, जबकि इससे पहले 10 साल में 7.94 लाख रूफटॉप सौर संयंत्र ही स्थापित किए गए थे।

मंत्रालय ने कहा कि 75,021 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना के तहत रूफटॉप सौर क्षमता के विस्तार में तेजी आई है।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले नौ महीनों में इन संयंत्रों की स्थापना की गति 3.2 गुना बढ़ी है और दैनिक स्थापना अक्टूबर, 2025 के 5,038 से बढ़कर जुलाई, 2026 में करीब 16,328 हो गई है।

जुलाई, 2026 में 5.06 लाख घरों में छतों पर सौर संयंत्र लगाए गए, जो अब तक का सर्वाधिक मासिक आंकड़ा है।

मंत्रालय ने कहा कि योजना के लाभार्थियों को अब तक 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी की जा चुकी है। इसका परिणाम यह हुआ है कि करीब 19 लाख परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में 12 लाख से अधिक परिवारों ने खपत से अधिक पैदा हुई बिजली को बेचकर कुल 421 करोड़ रुपये अर्जित किए, जो प्रति परिवार औसतन करीब 3,500 रुपये की वार्षिक आय के बराबर है।

मंत्रालय के अनुसार, रियायती दर पर ऋण की सुविधा 21.87 लाख आवेदकों को स्वीकृत की गई है, जिनमें से 17.5 लाख स्थापना ऋण के माध्यम से पूरी की जा चुकी हैं।

इस योजना के तहत अब तक 14.8 गीगावाट की रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इसके अलावा 34,219 पंजीकृत विक्रेताओं का नेटवर्क विकसित हुआ है, जिनमें से 29,469 सक्रिय हैं, और 2.32 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है।

सरकारी इमारतों की छतों पर सौर संयंत्र लगाने की पहल के तहत केंद्र और राज्यों द्वारा चिह्नित 1.06 लाख भवनों में संयंत्र लगाए जा चुके हैं।

इस योजना के क्रियान्वयन में डिजिटल मंच, बिजली वितरण कंपनियों का एकीकरण और त्वरित सब्सिडी भुगतान जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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