नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) समूह की टर्मिनल इकाई टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (टीआईएल) ने मंगलवार को एक निश्चित समझौते की घोषणा की। इसके तहत टीआईएल अदाणी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (एवीपीपीएल) में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे का कुल मूल्य 2.85 अरब डॉलर है।
विझिंजम बंदरगाह की मौजूदा क्षमता 16 लाख टीईयू (बीस-फुट समतुल्य इकाई) है। इसका विस्तार किया जा रहा है जिससे इसकी क्षमता 3.5 गुना होकर 57 लाख टीईयू हो जाएगी।
एपीएसईजेड ने बयान में कहा, ‘‘ भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती एकीकृत परिवहन अवसंरचना कंपनियों में से एक एपीएसईजेड तथा दुनिया के सबसे बड़े परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स समूह एमएससी ने एक निश्चित समझौता किया है। इसके तहत एमएससी समूह अपनी कंटेनर टर्मिनल संचालन एवं निवेश इकाई टीआईएल के माध्यम से विझिंजम बंदरगाह की रियायतधारी कंपनी एवीपीपीएल में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा।’’
यह सौदा नियामकीय मंजूरी सहित आवश्यक स्वीकृतियों के अधीन होगा।
एपीएसईजेड ने कहा, ‘‘ टीआईएल 1.397 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जो 2.85 अरब डॉलर के कुल सौदे में उसकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।’’
कंपनी ने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी भारतीय बंदरगाह अवसंरचना में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निजी निवेश है और इससे विझिंजम हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख ‘ट्रांसशिपमेंट’ केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, ‘‘ विझिंजम बंदरगाह एक प्रमुख ‘ट्रांसशिपमेंट हब’ के रूप में उभरा है और अभूतपूर्व गति से विकसित हुआ है। संचालन शुरू होने के केवल 18 महीने के भीतर 20 लाख टीईयू का माल संभालने वाला यह भारत का पहला बंदरगाह बन गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ टीआईएल दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर टर्मिनल परिचालकों में से एक है। यह एमएससी समूह का हिस्सा है, जिसके पास पांच महाद्वीपों में 100 से अधिक कंटेनर टर्मिनल हैं और जो सालाना सात करोड़ टीईयू से अधिक माल संभालता है।’’
बयान के अनुसार, एपीएसईजेड और एमएससी समूह की रणनीतिक साझेदारी से एपीएसईजेड को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे।
बंदरगाह का विस्तार जारी है, जिसके बाद दिसंबर 2028 तक इसकी क्षमता 3.5 गुना होकर 57 लाख टीईयू हो जाएगी।
यह बंदरगाह यूरोप, फारस की खाड़ी और सुदूर पूर्व को जोड़ने वाले पूर्व-पश्चिम समुद्री मार्ग से लगभग 10 समुद्री मील की दूरी पर रणनीतिक रूप से स्थित है।
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