नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) फैशन और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स मंच मिंत्रा ने कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अपनी क्षमताओं का विस्तार करने की घोषणा की है।
कंपनी ने कहा कि इससे विक्रेताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज होगी, उत्पाद सूची तैयार करने में कम समय लगेगा और ग्राहकों को अधिक व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव मिलेगा।
फ्लिपकार्ट समूह की कंपनी मिंत्रा ने एक बयान में कहा कि उसके प्रौद्योगिकी विस्तार का नया चरण ग्राहक अनुभव, विक्रेता सशक्तीकरण और परिचालन दक्षता जैसे तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।
कंपनी के अनुसार, एआई आधारित ‘सेलर ग्रोथ हब’ की मदद से विक्रेताओं के पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया का समय 10-15 दिन से घटकर दो दिन से भी कम रह गया है। शुरुआती पंजीकरण अब कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है।
मिंत्रा ने कहा कि उसके उन्नत उत्पाद सूचीकरण ढांचे की मदद से इस प्रक्रिया का समय एक दिन से घटकर चार घंटे रह गया है। यह प्रणाली अब प्रतिदिन 400 से 600 गतिशील उत्पाद वीडियो तैयार कर रही है। इसके अलावा, आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जटिल नेटवर्क विश्लेषण का समय दो दिन से घटकर एक घंटे रह गया है।
कंपनी की प्रमुख शेरोन पेस ने कहा, ‘मिंत्रा की हर पहल के केंद्र में प्रौद्योगिकी रही है। हमारा ध्यान ऐसे समाधान विकसित करने पर है, जो ब्रांड साझेदारों को अपने कारोबार के विस्तार में मदद करें और ग्राहकों के खरीदारी अनुभव को अधिक भरोसेमंद तथा प्रासंगिक बनाएं।’
उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए एआई केवल एक अतिरिक्त प्रौद्योगिकी नहीं है, बल्कि यह मिंत्रा के कामकाज के केंद्र में है।’
ऑनलाइन फैशन खरीदारी में सही आकार चुनने की समस्या को दूर करने के लिए कंपनी ने ‘साइज एंड फिट इंटेलिजेंस’ नामक एआई आधारित सुविधा शुरू की है। इस सुविधा फिलहाल कंपनी के पात्र परिधान उत्पादों का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा है।
बयान में कहा गया कि वर्तमान में मिंत्रा के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं में से 90 प्रतिशत को मंच पर उनकी पसंद के अनुरूप व्यक्तिगत खोज सुविधा मिल रही है।
कंपनी ने आंतरिक और बाहरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए कई एआई आधारित उपकरण भी शुरू किए हैं। इनमें ‘सारथी’ शामिल है, जो साझेदारों के साथ व्यवस्थित संवाद को स्वचालित करता है, बड़ी संख्या में आने वाले परिचालन संबंधी सवालों का प्रबंधन करता है और जटिल मामलों को विशेषज्ञ मानव सहायता टीमों तक पहुंचाता है।
मिंत्रा का बिजनेस इंटेलिजेंस रिट्रीवल एजेंट (बीआईआरए) कर्मचारियों को सामान्य भाषा में जटिल आंकड़ों से जुड़े सवाल पूछने की सुविधा देता है। वहीं, ‘मीरा’ नामक संवाद आधारित सहायता प्रणाली ग्राहकों के 30 प्रतिशत से अधिक सामान्य प्रश्नों का समाधान कर रही है।
भाषा योगेश रमण
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